मऊ – शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में आज ईद-उल-अज़हा यानी बकरीद का पर्व परंपरागत तरीके से मनाया गया। त्याग और समर्पण के प्रतीक स्वरूप कुर्बानियां दी गई। बकरीद के नमाज पढ़कर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने अमन शांति एवं खुशहाली की दुआएं मांगी। ईदगाहों व मस्जिदों में बकरीद की नमाज अकीदत के साथ अदा की गई। नमाज के बाद अमन शांति के लिए अल्लाह ताला से दुआएं मांगी और एक दूसरे को गले लगाकर बधाई दिया। पर्व को लेकर सुबह से ही लोगों में उत्साह देखा गया। नए कपड़े पहनकर लोग विभिन्न ईदगाह और मस्जिदों में जमा हो गए थे। तय समय पर नमाज़ अदा करने के बाद जानवरों की कुर्बानियां दी गयीं
इस अवसर पर लोगों को सम्बोधित करते हुए इमाम शैख असअद आज़मी ने कहा कि ईद उल अजहा बलिदान और संयम का दिन है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी में इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि दिखावे के लिए न हो।
इस अवसर पर ज़िला प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

अकीदत और सादगी से मनाया गया कुर्बानी का पर्व ईद-उल-अज़हा, अमन चैन की मांगी गई दुआ
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