हिन्दू मुसलमान दोनों मिल कर आपसी सौहार्द को मज़बूत करें तथा शिक्षा को बढ़ावा दें: सालिम अंसारी
मऊ – जो संप्रदाय अपने जीवन में उन्नति का कोई भी मौका हाथ से जाने नहीं देता, जो हर पल अपने व्यापार व उद्योग विकास के लिए प्रयत्नशील रहता है, होटलों, पार्कों और सैर-सपाटों से दूर केवल अपनी जीविका पर ध्यान देता है तथा अपने संप्रदाय की भलाई व विकास के लिय प्रयासरत रहता है कोई न कोई इतिहास रच डालता और इंकलाब लाता है। ऐसे ही इंकलाब के उद्देश्य से इराकी वेलफेयर ट्रस्ट स्थापना और इस के अन्तर्गत चिन्तन के उद्देश्य से आयोजित ईद मिलन समारोह के लिये संस्था के सदस्य बधाई के पात्र हैं।
ये विचार नगर में मुंशीपुरा स्थित मदरसा यतीमखाना के समीप आयोजित राष्ट्र एकता सह ईद मिलन समारोह में व्यक्त किये गये।
समारोह की अध्यक्षता ट्रस्ट के चीफ सेक्रेटरी मुहम्मद मकबूल ने तथा संचालन अमीर हमज़ा आज़मी ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद (राज्यसभा) सालिम अंसारी, विशिष्ट अतिथि के रूप में नगरपालिका चेयरमैन तैयब पालकी, पूर्व चेयरमैन अरशद जमाल व ओज़ैर गिरहस्त ने समारोह को सुशोभित किये।
समारोह को मौलाना रेयाजुलहक कासमी, डाक्टर शकील अहमद, सदानन्द एडोकेट तथा झारखण्डे गुप्ता ने अपने सम्बोधन में इस तरह के आयोजन और कल्याणकारी समितियों की स्थापना के महत्व पर प्रकाश डाला। इस के अतिरिक्त डॉक्टर शमशाद अम्बर,नज़ुरूलहक नाज़िर, सईदुल्लाह शाद, डॉक्टर हसन ज़हीर, शमीम सादिक, एखलाक अहमद एडोकेट, कलीम जाज़िल, इस्माईल शादां, डॉक्टर शैदा बैज़ापुरी ने काव्य पाठ के द्वारा राष्ट्र एकता की अलख जला कर ईद की खुशियों में चार चांद लगाया।
समारोह का उदघाटन हाफिज आफताब अहमद ने कुरआन पाठ के द्वारा किया इस के बाद मुईनुद्दीन आमिर ने राष्ट्र गीत पढ़ा। इराकी वेल्फेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष असलम एडोकेट ने ट्रस्ट के उद्देश्य व लक्ष्य तथा इरादे व योजनाओं पर विस्तृत प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि सालिम अंसारी ने कहा कि ईद अमन व भाईचारे का संदेश लेकर आती है। हिन्दू मुसलमान दोनों मिल कर आपसी सौहार्द को मज़बूत करें तथा शिक्षा को बढ़ावा दें ताकि हमारा देश उन्नति के मार्ग पर अग्रसर हो सके। चेयरमैन तैयब पालकी ने कहा कि ईद मिलन व होली मिलन की परंपरा को बाकी रखा जाये ताकि आपसी भाईचारे को बल मिले तथा हमारा समाज विकसित हो सके। पूर्व चेयरमैन अरशद जमाल ने नगर के ऐतिहासिक ईद मिलन व होली मिलन की परंपरा का वर्णन करते हुए कहा कि अपरिहार्य कारणवश इस प्रकार के आयोजन न होने पर इराकी समाज द्वारा इस कमी की पूर्ति के सफल प्रयास सराहनीय है। सदानन्द राय व झारखण्डे गुप्ता ने स्पष्ट किया कि कोई भी त्योहार हमें आपसी सौहार्द व प्रेम का संदेश देते हैं। उन्हों ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में हमारे अंदर जो एकता संगठन थे आज भी उसी प्रकार की आवश्यकता है। ओज़ैर गिरहस्त ने कहा कि हर भारतीय के दिल में प्रेम व सौहार्द की भावना विकसित होने देश व मानवता हित में अतिआवश्यक है। मौलाना रेयाजुलहक ने कहा कि इंसान को अहंकार से दूर रह कर आपसी प्रेम व सौहार्द बनाये रखना चाहिये। उन्होनें इराकी बिरादरी के इतिहास का विस्तृत वर्णन किया तथा इराकी वेलफेयर ट्रस्ट की स्थापना की सराहना की।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे ट्रस्ट के अध्यक्ष मकबूल अहमद ने समारोह में उपस्थित अतिथियों, साहित्यकारों, शायरों और श्रोताओं का विशेषतः समारोह के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आरफीन अहमद, हाजी अहमद परवेज़, नौशाद अहमद एडोकेट, जुनेद अनवर, आसिफ शमीम, शाहिद रेयाज, शादाब एडोकेट, फोज़ैल अहमद, शाहनवाज अहमद, जियाउलहक, परवेज नदीम, फैयाज अहमद सोना, कमरुद्दीन, नसीम अहमद आदि का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध लेखक, शायर के वरिष्ठ पत्रकार अमीर हमज़ा आज़मी को पत्रकारिता व साहित्य में उनके अद्वितीय योगदान के लिये स्मृति चिन्ह व शाल देकर सम्मानित किया गया।
