उत्तर प्रदेश में मुफ्त राशन वितरण व्यवस्था में बदलाव, अब राशनकार्ड धारकों को चावल ज्यादा और गेहूं कम मिलेगा

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत लाभार्थियों को वितरित किये जाने वाले गेहूं और चावल के अनुपात में बदलाव किया गया है। उत्तर प्रदेश में एनएफएसए के तहत जून 2022 से मार्च 2023 तक पात्र गृहस्थी राशनकार्ड धारकों को प्रति यूनिट पर दो किलो गेहूं और तीन किलो चावल मिलेगा। वहीं अंत्योदय कार्डधारकों को प्रति कार्ड पर 21 किलो चावल और 15 किलो गेहूं मिलेगा। अपर खाद्य आयुक्त अनिल कुमार दुबे ने यह जानकारी दी है। इस वर्ष न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की सरकारी खरीद में आई जबर्दस्त गिरावट को देखते हुए खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में यह बदलाव किया गया है। एनएफएसए के तहत अभी तक पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारकों को प्रति यूनिट पर तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल दिया जाता था। वहीं अंत्योदय कार्डधारकों को प्रति कार्ड पर 20 किलो गेहूं और 15 किलो चावल दिए जाने की व्यवस्था थी।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत उत्तर प्रदेश में मई से सितंबर तक के लिए किये जाने वाले खाद्यान्न वितरण में केंद्र ने राशनकार्ड धारकों को प्रति यूनिट पर पांच किलो चावल देने का निर्देश दिया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रदेश में 3.61 करोड़ राशन कार्डधारक हैं जिनके जरिये 14.98 करोड़ व्यक्तियों (यूनिट) के लिए अनाज दिया जाता है।गौरतलब है कि अभी उत्तर प्रदेश में हर महीने दो चक्र में राशन वितरण किया जा रहा है। एक चक्र के तहत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लाभार्थियों को मुफ्त अनाज दिया जा रहा है। वहीं दूसरे चक्र में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभार्थियों को उचित मूल्य पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।


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