मऊ – अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ओल्ड ब्वायज़ एसोसिएशन की तरफ से सर सय्यद डे पर एक कार्यक्रम का आयोजन दारूलओलूम इंटर कॉलेज मऊ में किया गया जिसमें बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित हुए।
कार्यक्रम का प्रारंभ मोहम्मद शमीम एडवोकेट की तिलावत ए कलाम ए पाक से हुआ।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता शहाबुद्दीन इंजीनियर ने की जबकि मुख्य अतिथि के रूप में सीनियर वकील इश्तियाक अहमद उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शहाबुद्दीन इंजीनियर ने अलीगढ़ के भूतपूर्व व वर्तमान छात्रों से कहा कि सर सय्यद के नाम पर कुछ ना कुछ सदका करते रहना चाहिए और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उनके योगदान को नयी पीढ़ी तक पहुंचाना होगा यही उनके लिए सबसे बड़ी श्रध्दांजलि होगी।
शहर के प्रसिद्ध वकील व मुख्य अतिथि इश्तेयाक अहमद एडवोकेट ने सर सय्यद की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सर सय्यद अहमद खां ने बहुत सी मुसीबतों को झेलने के बाद भी अपने पुख्ता इरादे से पीछे नहीं हटे और अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ते रहे जिसका परिणाम है कि आज अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी को हिन्दुस्तान की दस बड़ी युनिवर्सिटी में शुमार किया जाता है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित नगरपालिका अध्यक्ष मो तय्यब पालकी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए छात्रों की मानसिकता पर बल देने की आवश्यकता है साथ ही साथ सर सय्यद डे पर अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी के अतिरिक्त अन्य युनिवर्सिटी के छात्रों को भी आमंत्रित करने की आवश्यकता है सिर्फ़ अपने तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद सालिम अंसारी ने शहर में बढ़ते शिक्षा के स्तर पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज शहर के छात्र लगभग हिन्दुस्तान की सभी युनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और टीचर बनकर भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
पूर्व पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल ने कहा कि अलीगढ़ के छात्र हिन्दुस्तान के हर क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं जिसका उदाहरण भी लोगों के सामने प्रस्तुत करते हुए इसकी सराहना की।
स्कालर पब्लिक स्कूल के मैनेजर ओवैस तरफदार ने कहा कि स्टुडेंट लाइफ में समय का सदुपयोग करना बहुत जरूरी है नहीं तो दुरूपयोग किए गए समय का पछतावा पूरी जिंदगी पीछा नहीं छोड़ेगा।
डॉ तय्यब व सना फारूकी ने मकाला पढ़ा, मतीउर्रहमान ने गज़ल और अकील एन एन व सालिम ने चुटकुले सुनाए। कार्यक्रम का समापन अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी के तराने पर हुआ।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से फखरूज़्ज़मां, अबूज़र अंसारी, इशरत कमाल एडवोकेट, हाजी फरीद, जमील सेठ, मुस्तफा चमन, डॉ नेयाज़, डॉ नूरूद्दीन, डॉ अफज़ाल, शाहिद सुमन, फरहत कोठारी, डॉ मुसर्रत जहां, ज़ेबा गृहस्त, तसनीम सबा, शहनाज़ बानो, उज़मा परवीन के अतिरिक्त अन्य लोग उपस्थित रहे।
