खुदा से प्रेम और इबादत के लिए कोई उम्र नहीं होती, नन्हे रोज़ेदार भी इबादत कर अल्लाह से मांग रहे दुआ

(रिपोर्ट :सईदुज़्ज़फर :8009543112)

मऊ – खुदा से प्रेम और इबादत के लिए कोई उम्र नहीं होती। रमज़ान माह में रोज़ेदार रोज़ा रखकर अल्लाह की इबादत कर रहे हैं। इसमें बच्चे भी पीछे नहीं हैं। बड़ी संख्या में बच्चे भी इस बरकत के महीने में इबादत कर रहे हैं। खासकर ऐसे बच्चे अधिक उत्साहित हैं जो अपने जीवन में पहली बार रोज़ा रख रहे हैं। दिन भर रोज़े में रहने के बाद वे इफ्तार कर रहे हैं।
घर में बड़ों को रोज़ा रखते देखकर बच्चों में भी रोज़ा रखने की इच्छा होती है।
मऊ के डोमनपुरा निवासी डाक्टर अजवद के आठ वर्षीय पुत्र एमाद अंसारी ने इस तपती धूप में भी अपना रोज़ा पूरा किया और पांचों वक्त की नमाज़ के साथ अल्लाह की इबादत की।
इसी तरह मऊ के ही मुहल्ला मलिकटोला निवासी नसीम ज़मीरी की आठ साल की बेटी अरीबा नाज़ ने भी रोज़ा रखा। और घर की महिलाओं के साथ इबादत में जुटी रही।
मऊ के ही मोहल्ला कासिमपुरा निवासी आरिफ नसीम की सात साल की बेटी आयशा नूर ने भी छोटी सी उम्र में भूख प्यास की परवाह किए बिना आज अपना पहला रोज़ा पूरा किया।
इन नन्हे बच्चों ने अपनी इस छोटी सी उम्र में रोज़ा रख कर देश में अमन-शांति व देश की तरक्की के लिए दुआ की।


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