आज कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी, लखनऊ के मेन स्ट्रीमिंग के तहत जिला एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण इकाई, मऊ द्वारा एचआईवी/एड्स विषयक एक दिवसीय जनपद स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
इस एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.जी.सी. पाठक ने बताया की एड्स एक जानलेवा बीमारी है। इसके फैलने का मुख्य कारण असुरक्षित यौन संबंध के अलावा संक्रमित रक्त दान, अंगदान एवं संक्रमित सुई का प्रयोग है। इस बीमारी के वायरस के 8 से 12 वर्ष तक शरीर में रहने पर भी इससे संबंधित लक्षण का पता नहीं चल पाता। इस बीमारी के हो जाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है एवं बीमारी से ग्रस्त मरीज विभिन्न बीमारियों से गिर जाता है। उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान रिसोर्स पर्सन ने बताया की इस के प्रारंभिक लक्षणों में वजन कम होना, 1 महीने से ज्यादा बुखार आना, ज्यादा पसीना आना, लगातार खांसी, शरीर पर चकत्ते का निशान आदि है। अगर समय से प्रशिक्षित डॉक्टर से जांच कर इलाज प्रारंभ कर दिया जाए तो शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बरकरार रखा जा सकता है एवं बीमारियों से लड़ा जा सकता है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के साथ ही पंचायती राज विभाग एवं शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागो द्वारा लोगों में जागरूकता फैलाकर इस बीमारी से बचा जा सकता है। रिसोर्स पर्सन ने जागरूकता फैलाने में ग्रामीण स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों के महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए इन लोगों के माध्यम से इस कार्य को पूर्ण करने में सहयोग लेने को कहा। जिला क्षय रोग अधिकारी ने लोगों को प्रेरित कर अधिक से अधिक जांच कराने हेतु प्रयास करने को कहा जिससे इस बीमारी का प्रारंभिक स्तर पर पता चल सके एवं उसका उचित इलाज शुरू हो सके। उन्होंने बताया की जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला के उपरांत 20 दिसंबर से 7 जनवरी तक परदहा, दोहरीघाट, फतेहपुर मंडाव, रतनपुरा एवं मुहम्मदाबाद गोहना में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन भी होगा। साथ ही 15 जनवरी तक जनपद के समस्त विकास खंडों में यह कार्य संपन्न कर लोगों को एड्स से बचाव हेतु जागरूक किया जाएगा। एड्स विषयक उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण पाए समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों को कार्यशाला के दौरान प्राप्त जानकारियों को प्रयोग में लाने के निर्देश दिए साथ ही जिला क्षय रोग अधिकारी को निर्धारित तिथियों में विकासखंड स्तर पर कार्यशाला का आयोजन कर एड्स से बचाव हेतु जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रशांत नागर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नरेश अग्रवाल, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ जीसी पाठक सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एच.आई.वी./एड्स विषयक एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला संपन्न
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