जिला महिला चिकित्सालय समेत पाँच जगहों पर मना सुरक्षित मातृत्व दिवस, गर्भवती की प्रसव पूर्व हुई निःशुल्क जांच और दिया गया परामर्श

बच्चे पर ना आये आंच, गर्भवती की हो पूरी जांच

मऊ- प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत 24 मई मंगलवार को जिला महिला अस्पताल एवं चार ब्लॉकों के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन किया गया। इसमें दूसरे व तीसरे माह की गर्भवती का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जिससे उन्हें प्रसव पूर्व एवं प्रसव के बाद की समस्याओं का सामना न करना पड़े। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ श्याम नरायन दुबे का।

डॉ दुबे ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद के जिला महिला चिकित्सालय, समेत दोहरीघाट, मुहम्दाबाद गोहना, फतेहपुर मंडाव और घोषी सामुदायिक स्वास्थ्य के केन्द्रों पर गर्भवती की हीमोग्लोबिन, शुगर, एचआईवी, ब्लड प्रेशर समेत तमाम जांचें निःशुल्क की गई तथा समस्त केंद्रों में पीएमएसएमए के लाभार्थियों की ग्रुप काउंसलिंग की गई, जिसमें संस्थागत प्रसव के फायदे बताकर, उन्हें संस्थागत प्रसव करवाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड, पेट की जांच, वजन, खून, पेशाब आदि की भी निःशुल्क जांच की सुविधायें भी दी गई।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी नोडल डॉ बीके यादव ने बताया कि जांच के माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि कहीं कोई गर्भवती महिला उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था में तो नहीं है। उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था वह अवस्था है जिसमें माँ या उसके भ्रूणके स्वस्थ जीवन को खतरा होता है। गर्भावस्था में जटिलताओं की संभावना अधिक होती है। उस गर्भावस्था को उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था यानी हाई रिस्क प्रेगनेंसी में रखा जाता है। इस तरह की गर्भावस्था को डॉक्टर्स की देखभाल की आवश्यकता होती है। जिले के पांच केंद्रों पर कुल 567 गर्भवती महिलाएं जांच के लिए आयीं जिसमें से 75 महिलाओं को उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था में रखा गया है, महिलाओं को निरंतर स्वास्थ्य परीक्षण की सलाह दी गई है।

जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक संतोष सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान भारत सरकार की एक पहल है जिसके तहत हर महीने की 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं की पूर्ण जांच की जाती है।

जिला मातृत्व स्वास्थ्य परामर्शदाता अंजू ने बताया कि इसके तहत जिला महिला चिकीत्सालय सहित सीएचसी में गर्भवती महिला के विशेष सुविधा दी गई, उनके एमसीपी (मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन) कार्ड भरे गए। जिन महिलाओं में जोखिम की संभावना मिली, उन्हें मातृत्व एवं शिशु सुरक्षा कार्ड पर लाल रंग की एचआरपी मोहर लगा कर चिन्हित किया गया।

अंजू ने बताया कि यहां पर निम्न सुविधाएं निःशुल्क दी जाती हैं-
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुरा में पोषण से सम्बंधित परामर्श दिया गया-

पहला – समस्त गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच हीमोग्लोबिन, शुगर,यूरिन, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, सिफलिस, वजन, ब्लड प्रेशर,अल्ट्रासाउंड एवं अन्य जांचें की गई।
दूसरा – टिटनेस का टीका, आयरन कैल्शियम एवं आवश्यक दवाएं।
तीसरा – समस्त गर्भवती महिलाओं के गर्भ की द्वितीय एवं तृतीय त्रैमास में कम से कम एक बार स्त्री रोग विशेषज्ञ अथवा एलोपैथिक चिकित्सक की देखरेख में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण।
चौथा – हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान प्रबंधन एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव हेतु प्रेरित करना, पोषण परिवार नियोजन तथा प्रसव स्थान के चयन के लिये काउंसलिंग।


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