वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परीक्षा सीमीत की बैठक कल मंगलवार को संपन्न हुयी जिसमें ये निर्णय लिया गया कि स्नातक और स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के विद्यार्थी चालू सत्र की परीक्षा में प्रमोट किए जाएंगे, जबकि स्नातक द्वितीय और तृतीय वर्ष, स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के साथ ही अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं भी कराई जाएंगी। मीटिंग की अध्यक्षता कुलपति प्रो. निर्णला एस मौर्य ने की। जिसमें विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाएं जुलाई के पहले सप्ताह से शुरू कराने पर सहमति बनी। इस दौरान निर्णय लिया गया कि परीक्षा में पहले की तरह सवाल दिए जाएंगे, जबकि सवालों की संख्या में कटौती की जाएगी। परीक्षा तीन की बजाय डेढ़ घंटे अर्थात सरकार के निर्देशानुसार 90 मिनट की ही होगी।
जिसमें खंड अ अति लघु उत्तरीय के समस्त प्रश्न, खंड ब लघु उत्तरीय प्रश्नों से तीन तथा खंड स दीर्घ उत्तरीय प्रश्न में से एक प्रश्न हल करना होगा। जिन विषयों में दो प्रश्न पत्र होते हैं वहां प्रथम तथा जिन विषयों में तीन प्रश्न पत्र होते हैं वहां प्रथम एंव तृतीय प्रश्न पत्र, जिन विषयों में तीन से अधिक पेपर की परीक्षा होती है, अब उनमें पहले, दूसरे और पांचवें पेपर की परीक्षा कराई जाएगी। स्नातकोत्तर में अनिवार्य प्रश्न पत्रों की परीक्षाएं होंगी, प्रायोगिक परीक्षाएं आयोजित नहीं होंगी उनके नंबर परीक्षा में मिले नंबरों के आधार पर दिया जाएगा। जिन विषयों में मौखिक परीक्षा होती है, उनमें ऑनलाइन परीक्षा कराई जाएगी।
समिति की बैठक में तय हुआ कि कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करते हुए परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा पूर्व की तरह लिखित रूप से कराई जाएगी। सवालों की संख्या भी सीमित रहेगी। परीक्षाएं दो पाली में कराने पर बैठक में सहमति बनी।
परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह ने बताया कि समिति की बैठक में सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में शिक्षक संघ के अध्यक्ष डा. विजय कुमार सिंह, प्रो. बीबी तिवारी, डा. समर बहादुर सिंह, डा. ओपी सिंह, डा.मुनीर शर्मा, प्रो.अविनाश पार्थीडर, रजिस्ट्रार महेंद्र कुमार, एआर अमृत लाल, दीपक सिंह, उत्तम चौबे, डा. केएस तोमर, लक्ष्मी मौर्या आदि मौजूद रहे।
जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू होंगी पूर्वांचल विश्वविद्यालय की परीक्षाएं, पहले की तरह ही आएंगे सवाल, सवालों की संख्या में होगी कटौती, 90 मिनट का होगा पेपर
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