डॉ अल्लामा इकबाल व्हाटसएप्प ग्रुप का “पेट की आग बुझाने से लेकर सांसों की डोर थामने तक सफर” जारी

मऊ (रिपोर्ट :सईदुज़्ज़फर): व्हाट्सएप्प ग्रुप जहाँ लोगों के मनोरंजन साधन व सूचनाएं आदान-प्रदान करने तक सीमित रहता है। वहीं जनपद मऊ का एक ऐसा व्हाट्सएप्प ग्रुप जो गुड नाईट और गुड मॉर्निंग मैसेज से हट कर समाज के पल पल की गतिविधियों पर नज़र रखता है, इंसान की मूलभूत सुविधाओं रोटी, कपड़ा और मकान पर इस ग्रुप के सदस्यों की विशेष नज़र होती है। कोई इंसान भूखा ना सोए या इलाज के आभाव में दम ना तोड़े ऐसे लोगों की सहायता के लिए ये डॉ अल्लामा इकबाल व्हाटसएप्प ग्रुप हमेशा तत्पर रहता है।
इस व्हाट्सएप्प ग्रुप के एडमिन ताबिश समन का कहना है कि इस ग्रुप में शहर के युवा बुद्धिजीवी, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और आर्थिक रूप से सुदृढ़ परिवार के लोग जुड़े हुए हैं। जो किसी भी समय एक मैसेज पर लोगों के लिए खड़े हो जाते हैं। कुछ लोग आर्थिक रूप से सहयोग तो कुछ ज़मीनी स्तर पर दिन रात एक करके लोगों को रिलीफ पहुंचाने का कार्य करते हैं।
ज्ञात हो कि पिछले वर्ष भी लाकडाउन में डॉ अल्लामा इकबाल व्हाटसएप्प ग्रुप ने कोरोना वारियर्स के रूप में काम किया था, लाकडाउन में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने से लेकर घरों तक दवा पहुंचाने व रोज कुंआ खोद कर पानी पीने वाले गरीब मज़दूर परिवारों को अनाज व खाने से लेकर बच्चों के दूध तक का इंतज़ाम इनके द्वारा किया गया था और हजारों जरूरतमंद परिवारों तक खोज खोज कर खाने का प्रबंध किया था, यही नहीं रमज़ान में सहरी व इफ्तारी तक का इंतजाम करके लोगों के पेट और भूख की आग को ठंडा किया था।
मरीजो को खून की जरूरत पड़ी तो इस ग्रुप के सदस्यों ने रक्तदान भी किया, मऊ में थैलेसीमिया से ग्रसित बच्चों की रक्षा के लिए डॉ अल्लामा इकबाल व्हाटसएप्प ग्रुप के दो दर्जन से अधिक सदस्यों ने दो बार रक्तदान कर बच्चों के लंबी उम्र की कामना की।
अब एक बार फिर जब कोरोना वायरस आपदा से आक्सीजन के लिए त्राहि-त्राहि मची हुयी है। लोग आक्सीजन के लिए परेशान हैं तो एक बार फिर डॉ अल्लामा इकबाल व्हाटसएप्प ग्रुप के सदस्य आगे आए और ग्रुप के सदस्यों से ही पैसा इकठ्ठा कर समाज सेवा के लिए दस नये आक्सीजन सिलेंडर का प्रबंध किया। और दिन रात एक करके लोगों की टूटती सांसों को बचाने के लिए आक्सीजन की व्यवस्था व अस्पतालों में मरीजों को भर्ती कराने में लगे हुए हैं।
इस ग्रुप के सब से अधिक सक्रिय सदस्यों के रूप में अरशद जमालपुरा, मोहम्मद भाई, अफज़ल राणा, साजिद गुफरान, मंज़र मेडिकल, शाहिद गुड्डू, मन्नू एटलस, ताबिश समन, ज़ाहिद इंजीनियर, नवेद गृहस्थ, आमिर जिम्मी, आकिब सिद्दीकी आदि सदस्य लोगों की टूटती सांसों की डोर थामने में लगे हुए हैं।
इसके अतिरिक्त इस ग्रुप में एम्स व केजीएमसी से जुड़े हुए कुछ डाक्टर भी हैं जो ग्रुप में किसी की हेल्थ से संबंधित समस्या का समाधान भी करने का सुझाव भी समय समय पर देते रहते हैं।
डॉ अल्लामा इकबाल व्हाटसएप्प ग्रुप मऊ शहर में एक लाइफ लाइन की तरह अपने फर्ज का निर्वहन करते हुए और व्हाटसएप्प ग्रुप वालों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है।


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