मऊ (रिपोर्ट :सईदुज़्ज़फर): खुदा से प्रेम और इबादत के लिए कोई उम्र नहीं होती। रमज़ान माह में रोज़ेदार रोज़ा रखकर खुदा की इबादत कर रहे हैं। इसमें बच्चे भी पीछे नहीं हैं। क्षेत्र में बड़ी संख्या में बच्चे भी इस बरकत के महीने में इबादत कर रहे हैं। खासकर ऐसे बच्चे अधिक उत्साहित हैं जो अपने जीवन में पहली बार रोज़ा रख रहे हैं। दिन भर रोज़े में रहने के बाद वे इफ्तार कर रहे हैं।
घर में बड़ों को रोज़ा रखते देखकर बच्चों में भी रोज़ा रखने की इच्छा होती है।
देशभर में इस बार रमज़ान का महीना कोरोना के बीच पड़ा है, लोग घरों में ही रहकर इबादत कर रहे हैं। वहीं छोटे छोटे बच्चे रोज़ा रखकर कोरोना से हिदुस्तान समेत पूरी दुनिया को बचाने के लिए खुदा से दुआ कर रहे हैं।
मऊ के मुहल्ला रघुनाथ पुरा (कल्याण सागर) निवासी मोहम्मद आसिफ की छ वर्षीय पुत्री ज़ौकिया फिरदौस ने आज अपने जीवन का पहला रोज़ा रखा
इसी तरह डोमनपुरा निवासी सईदुज़्ज़फर के छ वर्षीय पुत्र रौशान ज़फर ने भी अपने जीवन का पहला रोज़ा पूरा किया।
नन्हे बच्चों ने इस छोटी सी उम्र में रोज़ा रख कर देश से कोरोना के खात्मे के लिए दुआएं की।

नन्हे रोज़ेदार भी इबादत कर मांग रहे कोरोना से मुक्ति की दुआ
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