मऊ – संयुक्त किसान मोर्चा के 27 सितंबर “भारत बंद” के आह्वान पर संयुक्त किसान मोर्चा मऊ ने रतनपुरा बाजार में बंद के समर्थन में व्यापारियों से अपील कर मांगा समर्थन, पर्चे बांटकर आम जनता का जन जागरण किया।
लोगों को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है महंगाई बेरोजगारी ने लोगों की कमर तोड़ दी है, सरकारी संस्थाओं को बेचने के बाद अब देश की खेती किसानी को भी कारपोरेट पूंजी पतियों के हवाले कर देना चाहती है, 5 ट्रिलियन इकोनामी की बात करने वाली मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को रसातल में पहुंचा दिया है,दिल्ली मे किसानों का आंदोलन खेती किसानी बचाने के साथ ही संविधान,लोकतन्त्रऔर देश बचाने की लड़ाई है, एक-एक कर सारी संस्थाओं को पूजी पतियों के हवाले किया जा रहा है, सरकारी नौकरियों को समाप्त कर नौजवानों, किसानों छात्रों को अदानी, अंबानी का गुलाम बनाने की साजिश हो रही है। बिजली बिल 2020 आम जनता के ऊपर और आर्थिक बोझ बढ़ाएगा।
वक्ताओं नें तीनों काले कृषि कानून और बिजली बिल 2020 की वापसी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में 27 सितंबर को भारत बंद का समर्थन करने की अपील किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राम कुमार भारती, शेख हेशामुद्दीन, बसंत कुमार, गुफरान अहमद, सुभाष चंद, जितेंद्र कुमार राजभर, अनीश खान ,रामप्यारे गौतम, फतेह बहादुर यादव, सुग्गन यादव ,कल्पनाथ, ओम प्रकाश , रामशबद,कविजी, हरिंदर, शमशुल हक चौधरी, शेर मोहम्मद आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।

नौजवानों किसानों को अदानी अंबानी का गुलाम बनाने की साजिश कर रही है मोदी सरकार
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