बार काउंसिल के सदस्य प्रदीप कुमार सिंह को जांच अधिकारी नामित किया
मऊ। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चेयरमैन रोहिताश कुमार अग्रवाल ने वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व महामंत्री दारोगा सिंह और अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह की
सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन की सदस्यता समाप्त करने के 25 जून के फैसले पर रोक लगा दिया। साथही मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय जांच समिति गठित करते हुए बार काउंसिल के सदस्य प्रदीप कुमार सिंह को जांच अधिकारी नामित किया है। इस आशय का पत्र सोमवार को बार काउंसिल कार्यालय के अपर अधीक्षक विरेन्द्र कुमार सिंह की ओर से अध्यक्ष और महामंत्री सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन के साथ ही जिला जज और जिलाधिकारी तथा अधिवक्ता दारोगा सिंह और विनोद कुमार सिंह को भेजा है। बार काउंसिल के आदेश की जानकारी कचहरी परिसर मे अधिवक्ताओं को होते ही खुशी की लहर दौड गई। सभी ने बार काउंसिल के निर्णय की सराहना करते हुए बधाई दिया। कहा कि संगठन मनमाने तरीक़े से नहीं चलता है। उस दिन की कार्यवाही पूरी तरह मनमाने तरीक़े से विद्वेष की भावना से की गई है। आम सभा की बैठक बुलाकर किसी सदस्य से राय नहीं ली गई। यहा तक की जिन अधिवक्ताओं पर आरोप लगाया गया उनको अपना पक्ष रखने का मौका भी नहीं दिया गया। पूरी कार्यवाही दोषपूर्ण थी, जिस पर बार काउंसिल ने रोक लगाया है। बार काउंसिल के निर्णय की जितनी सराहना किया जाय कम है। बधाई देने वालो मे प्रमोद कुमार सिंह, अरविंद कुमार सिंह, प्रेमकुमार बरनवाल, मनोज कुमार पांडेय, विरेन्द्र कुमार यादव, दीपक सिंह,संतोष कुमार सिंह, शहनवाज आजमी,गोपाल पांडेय, रामगोपाल चौरसिया, गोबिन्द चौरसिया, नागेंद्र राय आदि अधिवक्ता शामिल रहे।
