मऊ- केद्रीय ट्रेड यूनियन संघों के आह्वान पर स्कीम वर्कर्स की अखिल भारतीय हड़ताल के समर्थन में आंगनवाड़ी आईसीडीएस बचाओ संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने आज जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को संबोधित 17 सूत्री मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा।
आंगनबाड़ी बचाओ संयुक्त संघर्ष मोर्चा के संयोजक सूर्य देव पांडे ने कहा कि मोदी योगी सरकार अपने चुनावी वादों से पीछे हटते हुए स्कीम वर्कर्स के अधिकारों में लगातार कटौती करते जा रही है, बढ़ती महंगाई में स्कीम वर्कर्स को आज भी मामूली मानदेय पर जीवन गुजर बसर करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार स्कीम वर्करों को नियमित करने के बजाय ठेका पर काम कराना चाहती है, मोदी सरकार श्रम कानून में बदलाव कर मजदूरों / स्कीम वर्करों को बधुआ मजदूर बना देना चाहती है।
मोर्चा के जिला महामंत्री बिना राय ने कहा कि करोना महामारी में अपनी जान की परवाह किए बिना स्कीम वर्कर अपने कर्तव्य को निभाया, जीवन के तमाम संकटों को झेलते हुए स्कीम वर्कर समाज में अपने कर्तव्य पालन में लगे रहे, लेकिन हमारे जीवन के सामाजिक सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। हमारे रिटायर होने पर हमें किसी प्रकार का कोई भत्ता पेशंन देय नहीं है, जबकि 60 वर्ष के उम्र वालों को ही सरकार पेंशन दे रही है।
उन्होंने कहा कि बेतहाशा महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है इस बढ़ती महंगाई में भी हमको कोई महंगाई भत्ता या अन्य किसी प्रकार का सुविधा नहीं दिया जा रहा है। संघर्ष मोर्चा ने मांग किया कि सभी स्कीम वर्कर्स को नियमित किया जाए, सभी स्कीम वर्कर्स को 21,000/ वेतनमान दो, ठेका प्रथा पर रोक लगाओ, सभी स्कीम वर्कर्स को काम के घंटे तय करो ,आशा आंगनवड़ी के सभी लंबित भत्ते का तत्काल भुगतान करो, मजदूर विरोधी लेबर कोड वापस लो,
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शिव मूरत, धनराज सेठी बसंत कुमार, सुरेश, गोकुल, संतोष, मिट्ठू, बड़क, गिरजा कुमार ,साधु यादव ,अरविंद, विशाल, विजय,अफसाना निखत परवीन, अंजुम परवीन, इशरत, अफरोज, महिमा राय ,संगीता ,बिंदु ,विजयलक्ष्मी, शारदा ,बबली, नूरी कह कसा, अनीता मौर्य, शांति देवी, विद्यावती, श्री राम सिंह प्रमोद राय आदि उपस्थित रहे।

