राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत चलाया गया जागरुकता अभियान

जिन्दगी चुनें, तम्बाकू नहीं : एसीएमओ

मऊ- विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर मंगलवार को राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत जिला तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ, प्रकाश नर्सिंग स्कूल एवं इण्डियन डेण्टल एशोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में तम्बाकू छोड़ने की शपथ दिलाई गयी, जनजागरूकता हस्ताक्षर अभियान चलाया गयाएवं जनजागरूकता रैली निकाली गयी । गोष्ठीका शुभारम्भ जनपद के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मित्रेश सिंह कुशवाहा एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बीके यादव ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में किया ।

सचिव मित्रेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि विश्व तम्बाकू निषेध दिवस का प्रमुख उद्देश्य है लोगों को यह बताना कि तम्बाकू जानलेवा है। यह जानना जरूरी है और विश्व में रोकी जा सकने वाली मौत और बीमारियों का एकमात्र सबसे बड़ा कारण तम्बाकू सेवन है । इसके अलावा आमजन तक कोतम्बाकू से होने वाले दुष्प्रभावों को बताया जाये । उन्होंनेबताया कि सिगरेट एवं अन्य तम्बाकूउत्पाद अधिनियम- 2003 की धारा 4 सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना दण्डनीय अपराध है, जिसका उल्लंघन करने पर 200रुपयेतक का अर्थदण्ड वसूल किया जायेगा।

जिला नोडल अधिकारी/अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बीके यादव ने बताया कि धूम्रपान करने वाला व्यक्ति न केवल अपने जीवन के लिए बल्कि अपने परिवार व समाज के लिए भी कैंसर का खतरा पैदा करता है। इसलिए जिन्दगी को हाँ कहें और तम्बाकू को न कहें। इससे हम सभी सुरक्षित रह सकेंगे। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत जिला चिकित्सालय मऊ में एक तम्बाकू उन्मूलन केन्द्र की स्थापना की जा चुकी है। जहां एक काउन्सलर/साईकोलॉजिस्ट की उपलब्धता है, जिससे कि तम्बाकू एवं किसी अन्य प्रकार की नशायुक्त चीजों को छोड़ने की इच्छा रखने वाले व्यक्ति सम्पर्क कर सकते हैं।
जिला तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम मऊ के जिला सलाहकार डॉ अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा विश्व तम्बाकू निषेध दिवस की इस बार की थीम “तम्बाकू हमारे पर्यावरण के लिए खतरा” तय की गयी है । तम्बाकू से हृदय रोग, हार्ट अटैक और लकवा जैसी बीमारियों के जोखिम के बारे में बताया गया । इसके साथ ही अन्य होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में कई जगहों पर कैम्प एवं स्कूलों में बच्चों के बीच विद्यालय जागरूकता अभियान चलाया गया।
डॉ अश्विनी कुमार सिंह ने तम्बाकू में पाये जाने वाले जहरीले पदार्थोएवं इसके नुकसान तथा तम्बाकू छोड़ने के फायदे पर विस्तृत रूप से जानकारी दी।

कार्यक्रम में प्रकाश नर्सिंग स्कूल मऊ के प्रबन्धक डॉ मनीष राय एवं उनके नर्सिंग स्कूल के बच्चों के द्वारा बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया गया । इसमें बच्चों के द्वारा तम्बाकू छोड़ने से सम्बन्धित अपने हाथों में स्लोगन लेकर एक जन-जागरूकता रैली निकाली गयी एवं तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ द्वारा चलाये गये हस्ताक्षर अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया गया। समाज में तम्बाकू निषेध के प्रति शपथ ली गयी। इस कार्यक्रम के उपरान्त प्रकाश नर्सिंग स्कूल मऊ के प्रबन्धक डॉ मनीष राय के द्वारा आगे भी इस प्रकार के विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता देने का आश्वासन दिया गया। उन्होने बताया कि तम्बाकू हर प्रकार से शरीर के किसी न किसी हिस्से के लिए नुकसान दायक है। इसलिए हम सभी का प्रयास है कि जिन्दगी चुनें तम्बाकू नहीं की मुहिम पर एक स्वच्छ एवं स्वस्थ भारत का निर्माण करें।
कार्यक्रम में जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी यूसुफ शाह, तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के सोशल वर्कर लक्ष्मीकान्त दुबे, काउंसलर बीरेन्द्र यादव, इण्डियन डेण्टल एशोसिएशन के अध्यक्ष डॉ मयंक चौबे, डॉ सुनील दत्त, फाइनेन्स और लॉजिस्टिक समन्वयक दुर्गा प्रताप सिंह, सतीश कुमार, राधेश्याम, जागृति सिंह, सौरभ, कमलेश, अरविन्द, एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ के द्वारा प्रतिभाग किया गया।


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