मऊ – जनपद न्यायालय मऊ के प्रांगण में राष्ट्रीय लोक अदालत रखी गई, जिसका उद्घाटन कार्य कार्यवाहक न्यायमूर्ति माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। तत्पश्चात माननीय जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शंकर लाल द्वारा जनपद न्यायालय के सभागार में माँ सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर लोक अदालत का शुभारंभ किया गया, तथा उन्होंने संबोधित करते हुए समस्त न्यायिक अधिकारीगण, बैंककर्मी व अन्य विभागों को निर्देश दिये कि वह कोविड-19 का अनुपालन सुनिश्चित कराते हुए अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण करें तथा बैंक अधिकारीगणों से यह भी कहा कि वे आमजन को अधिक से अधिक छूट का लाभ प्रदान करें, जिससे उनके एनपीएस अकाउंट के पैसे की अधिक मात्रा में वसूली हो सके। सभागार में पीठासीन अधिकारी परिवार न्यायालय आदिल आफताब अहमद, बुद्धि सागर मिश्रा अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम कोर्ट 1, अभिनय कुमार मिश्र पर जनपद न्यायाधीश विशेष न्यायधीश यस0सी0/यस0टी एक्ट, सुरेंद्र प्रसाद यादव न्यायाधीश मोटर दुर्घटना बीमा अधिकरण, शबीह जेहरा जनपद न्यायाधीश पास्को कोर्ट, दिनेश कुमार चौरसिया अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या 3, आनंद प्रकाश सिंह अपर जनपद न्यायाधीश मऊ, राम अवतार प्रसाद अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या 3 पास्को, रामराज अपर जनपद न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या 1, आसिफ इकबाल रिजवी जनपद न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या 2, फारुख इनाम सिद्दीकी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्वेता चौधरी सिविल जज सीनियर डिविजन, प्रीति भूषण सिविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी, कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा सिविल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, वकील सिविल जज जूनियर डिवीजन मऊ, सिद्धार्थ शेखर सिंह न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय मधुबन, अमित मणि त्रिपाठी सिविल जज जूनियर डिविजन मोहम्मदाबाद गोहना, उत्कर्ष सिंह अपर सिविल जज जूनियर डिविजन कोर्ट नंबर 3, अभिषेक कुमार पांडेय सिविल जज जूनियर डिविजन एफटीसी, शिप्रा सिंह अपर सिविल जज जूनियर डिविजन कोड नंबर 6, अलका नेहाल न्यायिक मजिस्ट्रेट, संतोष कुमार वर्मा सिविल जज जूनियर डिविजन एफटीसी क्राइम अगेंस्ट ओमेन, शैलेश कुमार सिंह अपर सिविल जज जूनियर डिविजन कोड नंबर 4, अमित कुमार यादव अपर सिविल जज जूनियर डिविजन कोर्ट नंबर 5 उपस्थित रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत मे 18256 मामलों का निस्तारण किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में 18256 मामलों का किया गया निस्तारण
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