लखीमपुर खीरी हत्याकांड में शामिल अपराधियों को बचाने की कोशिश कर रही है सरकार: संयुक्त किसान मोर्चा मऊ

मऊ – संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आहवान पर लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड के जिम्मेदार केंद्रीय गृह राज्य मंत्री कि मोदी मंत्रिमंडल से बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को संबोधित छह सूत्री मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा।
किसान नेताओं ने कहा कि लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या के लिए केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के थार जीप का प्रयोग किया गया है घटना के बाद अजय मिश्र टेनी ने अपने अपराधी बेटा को बचाने की नाकाम कोशिश की व सरेआम मीडिया के सामने अपराधी बेटे को निर्दोष बताते रहें और सभी अपराधियों को अपने घर में छुपाए रखा। एसआईटी द्वारा मुख्य आरोपी को समन जारी करने के बाद मंत्री ने शुरू में आरोपियों अपने बेटे और उनके साथियों को पनाह दी थी। बताया गया कि न्यायिक पुलिस हिरासत में बंद आरोपियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है,यह भी देखा गया है कि उच्चत्तम न्यायालय और देश के नागरिकों द्वारा अपेक्षित गति से गवाहों के बयान दर्ज नहीं किए जा रहे हैं, यह स्पष्ट है कि लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड में हितों का टकराव न्याय के लिए एक प्रमुख बाधा है और कोई भी सम्माननीय सरकार प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के संदर्भ में भी अजय मिश्र टेनी को अब तक बर्खास्त और गिरफ्तार कर चुकी होती।
किसानों ने कहा कि जब शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से 11 महीनों से नई दिल्ली की सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन को दबा नहीं पा रही है तो अब हिंसक रास्ते पर चलते हुए केंद्र सरकार के मंत्री के बेटे गाड़ियों से कुचलकर किसानों की निर्ममता पूर्वक हत्या कर रहे है। मोदी -योगी की सरकार अब संविधान और लोकतंत्र को धीरे धीरे खत्म करती जा रही है।
किसानों की शहादत की भावना ही योगी-मोदी की फांसीवादी तानाशाही निजाम को खत्म कर देगी। किसानों का आंदोलन तीनों काले कानून के खिलाफ तो है ही साथ ही साथ निजीकरण/निगमीकरण के खिलाफ मेहनतकश आम अवाम की रोजी रोटी बचाने का भी संघर्ष है। यदि तीनों काले कृषि कानून और बिजिली संसोधन 2021 कानून लागू हो जायएगा तो देश पुनः कम्पनियों का गुलाम हो जाएगा। इसलिए हम लोग किसानों के साथ मजदूरों- छात्रों- नौजवानों की एकता बनाकर संवैधानिक लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने के लिए शहादत देते हुए लगातार संघर्ष कर रहे है। तीनों काले कृषि कानून वापस हो, बिजिली बिल 2021 वापस हो, एमएसपी लिखित गारंटी हो।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से भाकपा के जिला मंत्री राम सोच यादव, भाकपा (माले) के जिला सचिव बसंत कुमार, उत्तर प्रदेश किसान सभा के वीरेंद्र कुमार, इमके के रामजी सिंह, भारतीय किसान यूनियन के मिथिलेश, किसान संग्राम समिति के रामू प्रसाद, एआई केकेएमएस के शैलेंद्र कुमार ने प्रमुख रूप से संबोधित किया।
प्रदर्शन में डॉक्टर त्रिभुवन शर्मा, बाबू रामपाल ,मदन लाल श्रीवास्तव, शमशुल हक चौधरी, शिव मूरत गुप्ता सुभाष गौतम, रणविजय, रामजीत चौहान, रामवृक्ष यादव जयप्रकाश, छविनाथशर्मा, संजीव ,सिकंदर ,शीला, नीलम सुमन, हरिश्चंद्र ,फेकू ,गोकुल ,लल्लन सिंह ,जनार्दन सिंह ओम प्रकाश ,राम शब्द ,सुरेंद्र ,प्रेम शर्मा, अनिल शर्मा, सुनील चौहान, देवनाथ यादव ,हरिंदर ,रामबली ,साधु यादव ओमप्रकाश, गिरजा, बिरजू, बिंदु ,तेतरी ,सुभावती, लालसा वीरेंद्र आदि उपस्थित रहे।


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