मजदूरों,गरीबों,किसानों, महिलाओं के हक अधिकार को बुलडोजर से रौद रही है योगी सर कार:माले
मऊ- 1मई अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर श्रमिक संगठन ऐक्टू व भाकपा माले ने मऊ शहर के मजदूर चौराहों पर मजदूरों के बीच सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ चर्चा की, मजदूरों के बीच पर्चा वितरण भी किया गया। माकपा,किसान संग्राम समिति, साम्राज्यवाद विरोधी मंच भी शामिल रहा।
मजदूरों को संबोधित करते हुए भाकपा(माले) के जिला सचिव बसंत कुमार ने मजदूरों से कहा कि मोदी- योगी के बुलडोजर राज के खिलाफ और लोकतंत्र व संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष करने का संकल्प लेना होगा। आज के दिन सन् १८८६ में अमेरिका के शिकागो में मजदूरों ने अपने बलिदान से “८ घंटे का दिन” की जिस लड़ाई को जीतकर एक नये युग की शुरुआत की थी ,आज मोदी सरकार ने पुन: १२ घंटे का दिन घोषित करके और श्रम कानूनों को खत्म करके गुलामी के प्रतीक ४ श्रम संहिताओं को लागू करके मजदूरों के सामने एक चिनौती पेश की है।
उन्होंने कहा कि आज देश को अम्बानी- अडानी को सौंपा जा रहा है और इस साज़िश के खिलाफ लड़ाई को कमजोर करने के लिए साम्प्रदायिक विभाजन व दंगा-फसाद करवाकर गरीबों मजदूरों की एकता को तोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश का लोकतंत्र और संविधान खतरे में है संविधान और लोकतंत्र से चुनी हुई सरकार कानून का पालन नहीं कर रही है,देश में सामंती उत्पीड़न का चरित्र बुलडोजर को स्थापित किया जा रहा है। पुलिस थानो,अदालदतो को कमजोर किया जा रहा हैं। भाजपा आरएसएस द्वारा देश में सांप्रदायिक राजनीति का जहर समाज में घोला जा रहा है। संप्रदायिक दंगा के नाम पर गरीब मजदूर मुस्लमानों को ही लक्ष्य करके उत्पीड़न और दमन किया जा रहा है।
उन्होने कहा कि बढ़ती महंगाई बेरोजगारी से बेरोजगार नौजवान और आम नागरिक का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।मोदी सरकार की निजीकरण की नीतियों से देश के नौजवानों के भविष्य के सामने अंधेरा छा गया है, मोदी योगी सरकार बेरोजगार नौजवानों छात्रों महिलाओं को राहत देने के बजाय देश में दंगा फसाद सांप्रदायिकता की राजनीति का विकास करने में लगी हुई है।
पर्चा वितरण में किसान संग्राम समिति के रामु प्रसाद, साम्राज्यवाद विरोधी मंच के बाबू रामपाल, जय प्रकाश धूमकेतु ,माकपा के वीरेंद्र कुमार, एक्टू के जिला संयोजक शिव मूरत गुप्ता, विद्याधर कुशवाहा, मुन्ना, दुर्ग विजय, साधु यादव ,जोखू आदि उपस्थित रहे।
