शिक्षा एक ऐसी चाभी है जिस से दुनिया का कोई भी ताला खोला जा सकता है: सालिम अंसारी

समर इस्लामिक आर्गनाइजेशन के तत्वावधान में पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन

मऊ – समर इस्लामिक आर्गनाइजेशन द्वारा आज एक शाम मिल्लत के होनहारों के नाम का आयोजन सर इकबाल पब्लिक स्कूल में आयोजित किया गया जिसमें पिछले 16 दिसम्बर को आयोजित इस्लामिक जीके प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।
आज के पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता मौलाना इफ्तिखार अहमद मिफ्ताही ने की जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राज्यसभा सांसद सालिम अंसारी उपस्थित रहे।
ग्रुप में ए में प्रथम स्थान आसमा ज़्या व अरिशा शाहीन ने प्राप्त किया जबकि द्वितीय स्थान पर हफ्सा आफरीन, कनीज़ फातिमा, फायज़ा एरम, ज़ेबा परवीन, मोहम्मद ऐमन रहे।
ग्रुप बी में प्रथम स्थान शमामा शाहीन को जबकि द्वितीय स्थान ज़हबिया शाहीन, फहमा परवीन, आज़ीना नसीम व तृतीय स्थान मन्तशा हयात, तनज़ीला आफरीन को मिला।
इस प्रतियोगिता में कुल 1600 छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया था जिसमें से सफल छात्रों की संख्या सोलह रही, इसमें चौदह छात्राएं व दो छात्र सफल हुए। सभी सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व सांसद सालिम अंसारी ने छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज मऊ में शिक्षा का माहौल बन गया है हर कम्पटीशन में मऊ के बच्चे सफल हो रहे हैं अब मऊ साड़ियों के अतिरिक्त शिक्षा के लिए भी जाना जाता है, आगे उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों की तरबियत पर भी ध्यान देने की जरूरत है, सिर्फ स्कूल मदरसे के भरोसे ना रहें बल्कि घर आने पर भी बच्चों की देखरेख करें।
मऊ का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज मऊ में शिक्षा का स्तर बढ़ा है तो लूम भी कम हुए हैं, शिक्षा एक ऐसी चाभी है जिस से दुनिया का कोई भी ताला खोला जा सकता है इसलिए शिक्षा पर ध्यान दें।
मन से हौसला और सच्चा इरादा बना कर मेहनत की जाए तभी सफलता मिलेगी, शिक्षा से ही किसी का भी मुकाबला किया जा सकता है
शेड्यूल बनाओ तभी कामयाबी मिलेगी।
नगरपालिका अध्यक्ष तय्यब पालकी ने कहा कि बच्चों में कॉम्पिटिशन का जज़्बा पैदा करने के लिए इस तरह के कॉम्पिटिशन में भागीदारी करनी चाहिए, और कामयाबी के लिए कोशिश करनी चाहिए क्योंकि गया वक्त वापस नहीं आता
आज भी लोग जिन्दगी का मकसद नहीं समझ रहे हैं, अपना समय होटलों पर व्यर्थ कर रहे हैं जबकि ज़िंदगी का उद्देश्य होना चाहिए
लड़कियों के मुकाबले लड़कों में शिक्षा का स्तर कम होता जा रहा है, लड़कों की शिक्षा पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।
पूर्व पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल ने छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि बच्चों को जागरूक होने की बात करते हुए सरकार द्वारा चलायी जा रही स्कीमों का फायदा उठाने की बात कही
एमएए फाउंडेशन के चेयरमैन जमाल अख्तर अर्पण ने कहा कि समर इस्लामिक आर्गनाइजेशन मुबारकबाद के काबिल है जो जगह जगह शिक्षा के लिए लोगों को जागरूक कर रहा है जगह जगह बच्चों को पढ़ाई की सुविधा देकर बच्चों में दीन का जज़्बा पैदा कर रहे हैं।
डॉ खालिद कमाल ने कहा कि बच्चों की पहली शिक्षिका मां होती है, मां को अपने बेटों पर ध्यान देना चाहिए, प्यार मोहब्बत से बच्चों को समझाएं हर तरह के कॉम्पिटिशन के लिए बच्चों को तैयार करें।
मौलाना इकबाल अहमद रेयाज़ी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि मेंहनत करने वाले ही जीतते हैं, कामयाबी अल्लाह के हाथ में हैं, इसलिए नाकामी से मायूस ना हों और अल्लाह की रहमत पर भरोसा रखें व कामयाबी पर अल्लाह का शुक्रिया अदा करें, साथ ही साथ शिक्षा देने वालों अर्थात शिक्षकों का अदब करें उसी में कामयाबी है।
द नेशन फाउंडेशन के डायरेक्टर जमील अंसारी ने कहा कि शिक्षा जरूरी है लेकिन अपने धर्म को छोड़कर नहीं, हमने कुरआन को छोड़ दिया हमें रिसर्च करने के ज़रूरत है लेकिन हम रिसर्च नहीं कर रहे दूसरी कौमें रिसर्च कर के हम से आगे निकल गई हैं।
उन्होंने गाइडलाइन की जरूरत पर अपनी बात रखते हुए कहा कि हर चीज़ के कोच होते हैं फिर शिक्षा के कोच क्यों नहीं हैं इसपर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।
उन्होंने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अगर अंग्रेज़ी नहीं आती तो मायूस न हों क्योंकि हिंदी भाषा के बच्चे भी हर प्रतियोगिता क्वालीफाई कर सकते हैं।
उन्होंने कम्पटीशन के बारे में बताते हुए कहा कि दूसरे के मूंह का निवाला छिन्ना ही कम्पटीशन है, दूसरे को पीछे ढ़केल कर आगे बढ़ना ही कम्पटीशन है।
प्रोग्राम की अध्यक्षता करते हुए मौलाना इफ्तिखार अहमद मिफ्ताही ने कहा कि दुनियावी तालीम के साथ साथ दीनी तालीम भी जरूरी है, कोचिंग की व्यवस्था होनी चाहिए।उन्होंने सफल छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में हाफ़िज़ मोहम्मद अजमल ने आर्गनाइजेशन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का संचालन हाफ़िज़ फैज़ान ने किया।
इस अवसर पर विशेष रूप से ओज़ैर गृहस्त, मास्टर अशफाक, राशिद ज़्या के अतिरिक्त बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं व इनके अभिभावक उपस्थित रहे।


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