मऊ- गर्मी की छुट्टियों का सदुपयोग करने के लिए समर इस्लामिक आर्गनाइजेशन ने छोटे छोटे स्कूली बच्चों को दुआ, नमाज़ आदि के तरीके सिखाने के लिए बीस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जिसमें बच्चों को अपनी धार्मिक क्रियाकलापों के बारे में जानकारी दी गई और अन्त में एक परीक्षा आयोजित की, जिसमें प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों के साथ ही ट्रेनिंग लेने वाले सभी बच्चों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। इस कैंप में 850 बच्चों ने प्रतिभाग किया था।
इस समर इस्लामिक तरबियती कोर्स में तीन ग्रुप बनाए गए थे
तीनों ग्रुप में स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों में ग्रुप ए में प्रथम स्थान औसाफ अब्दुल्लाह ने, द्वितीय स्थान अबू शहमा, ज़ीशान, रैहान, फहीम, अब्दुर्रहमान ने तृतीय स्थान सोदैम, शारिक, शादान ने प्राप्त किया
ग्रुप बी में प्रथम स्थान शादाब व मासूम ने द्वितीय स्थान हाशिर, यासिर, अयान ने जबकि तृतीय स्थान अब्दुर्रहमान व अब्दुल्लाह ने प्राप्त किया।
इसी तरह ग्रुप सी में प्रथम स्थान पर आरिफ अनवार, द्वितीय स्थान पर इकरामा व तृतीय स्थान पर तफहीम रहे।
इस अवसर बच्चों ने नमाज़, जनाज़ा, वज़ू, इस्लामिक प्रश्नोत्तर आदि का प्रैक्टिकल कर के दिखाया।
इस अवसर पर मिर्ज़ाहादीपुरा जामा मस्जिद में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता करते हुए मौलाना रफीक अहमद सलफी ने कहा कि बहुत से स्कूल कालेज स्कूली शिक्षा के साथ ही धार्मिक शिक्षा देने की बात करते हैं लेकिन सभी बच्चों को उनके धर्म के बारे में जानकारी नहीं होती ऐसे में ये समर इस्लामिक आर्गनाइजेशन एक सराहनीय कार्य कर रही है जिससे बच्चों के समय का सदुपयोग होता है और अनावश्यक रूप से इधर उधर नहीं घूमते।
मुख्य अतिथि एमएए फाउंडेशन के चेयरमैन जमाल अख्तर अर्पण ने समर इस्लामिक आर्गनाइजेशन के सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि इसमें योगदान देने वाले सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं जो निशुल्क अपनी सेवाएं दे रहे हैं
मौलाना मोहम्मद युनुस ने बच्चों के ऊपर अभिभावकों को विशेष ध्यान देने की बात कही और कहा कि अपने बच्चों को प्रेम से कोई भी चीज़ सिखाएँ उनसे झूठ ना बोलें और ना ही बच्चों की किसी अन्य के बच्चों से तुलना करें क्योंकि इससे बच्चों की मानसिकता पर प्रभाव पड़ता है।
मौलाना परवेज़ अहमद ने कहा कि धार्मिक शिक्षा के साथ दुनियावी शिक्षा भी ज़रूरी है इसके लिए अच्छे शैक्षिक संस्थान होने चाहिए जहां बच्चों का सर्वांगीण विकास हो।
डीसीएसके पीजी कालेज मऊ के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ मो.ज़्याउल्लाह ने कहा छोटे बच्चों के अन्दर सिखने की क्षमता अधिक होती है और यह तेरह वर्ष तक तेज़ी के साथ सिखते हैं इन बच्चों को जिस रूप में ढ़ाला जाएगा यह वैसे बनेंगे इसलिए बच्चों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम का संचालन हमूद ने किया
इस अवसर पर प्रोग्राम के कन्वेनर हाफ़िज़ अजमल, फैज़ान व इस कार्यक्रम में अपना सहयोग देने वाले सभी सहयोगी उपस्थित रहे



