मऊ – नगर के सबसे प्राचीन एवं प्रतिष्ठित डीसीएसके पीजी कॉलेज, मऊ के अनुमोदित स्ववित्तपोषित (संविदा) शिक्षकों का धरना आज 25वें दिन भी अनवरत जारी रहा। सूत्रों के मुताबिक महाविद्यालय के संविदा शिक्षक एवं संविदा कर्मचारियों को महाविद्यालय द्वारा कम वेतन दिया जाता है,जबकि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा उनके वेतन एवं भविष्यनिधि की कटौती से संबंधित समय-समय पर शासनादेश जारी किए गए हैं। ज्ञातव्य है कि स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम से प्राप्त सकल आय का 75% से 80% धनराशि सभी शिक्षक और कर्मचारियों को वेतन के रूप में दिए जाने एवं तदनुसार उनकी नियुक्ति तिथि से भविष्यनिधि की कटौती का विधिवत प्रावधान है। महाविद्यालय प्रशासन शिक्षकों व कर्मचारियों को इतना कम वेतन देता है जिसमें उनके परिवार का भरण-पोषण इस कमरतोड़ महंगाई में संकट बना हुआ है। शिक्षकों की मांगों के क्रम में महाविद्यालय प्रबंधन ने विगत दो वर्षों पहले एक वेतन समिति गठित किया था और आश्वासन दिया था कि वेतन समिति की रिपोर्ट आते ही शिक्षकों का वेतनमान निर्धारित करते हुए उन्हें बढ़ा हुआ वेतन व सी.पी.एफ. कटौती सुनिश्चित कर दिया जाएगा। परंतु वेतन समिति की रिपोर्ट आने के लगभग 18 महीने बाद भी न तो नया वेतनमान और न ही सी.पी.एफ. कटौती सुनिश्चित की गई। शिक्षकों की मांग है कि जैसे ही वेतन समिति की सिफारिशों के अनुरूप वेतन बैंक खाते में भेज दिया जाएगा तथा सी.पी.एफ. की कटौती प्रारंभ कर दी जाएगी, हम सभी शिक्षक अपने अपने कार्य पर लौट जाएंगे। धरनारत शिक्षकों को संबोधित करते हुए अनुदानित महाविद्यालय स्ववित्तपोषित संविदा शिक्षक संघ के विश्वविद्यालय अध्यक्ष, डॉ. अनुराग मिश्रा ने धरने को उचित ठहराते हुए महाविद्यालय प्रशासन से मांग किया कि शिक्षकों के संवैधानिक मांगों को तत्काल प्रभाव से पूरा किया जाए,जिससे यह गतिरोध शीघ्र समाप्त हो सके।
आज के धरने में प्रमुख रूप से डॉ. एस.पी. सिंह दीक्षित, डॉ. जफर अहमद,डॉ. रफीक अहमद, डॉ. दिनेश श्रीवास्तव, डॉ. बृजेंद्र सिंह, डॉ. घनश्याम दुबे, डॉ.प्रशांत पांडे,डॉ.निशा रानी सिंह, श्री मनोज उपाध्याय, अशोक मिश्रा, रामविलास, अभिषेक पांडे, श्याम सुंदर व अन्य लोग उपस्थित रहे।


