मोदी-योगी शासन में लोकतंत्र तथा संविधान अपनी अंतिम सांसें गिन रहा: माले

राजनीतिक विरोधियों से दुश्मनों जैसा सलूक किया जा रहा है: माले

मऊ- डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस , खाद्य तेल व आवश्यक सामग्रियां मंहगाई के चलते आम आदमी के बजट से बाहर होती जा रही हैं। एक तरफ ‌मंहगी शिक्षा तथा चरम बेरोजगारी से निराश नौजवान आत्महत्या की तरफ बढ़ रहे हैं वहीं आन्दोलन कर रहे छात्रों नौजवानों पर योगी सरकार लाठी बरसा रही है। उक्त बाते भाकपा(माले) जिलाकार्यालय पर नक्सलवाड़ी आन्दोलन के नेता कामरेड चारू मजुमदार के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि देते हुए माले के जिलासचिव बसंत कुमार ने कहीं।
उन्होंने कहां कि सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं, आक्सीजन, वेंटिलेटर के अभाव में हजारों लोगों की कोरोना महामारी में मौतें हो गई । सरकार मौतों को छुपाने में लगी है और संसद में बयान दे रही है कि एक भी मौत आक्सीजन की कमी से नहीं हुई है। इसे क्रूरता, अमानवीयता कहें या हद दर्जे की बेशर्मी? एक एक कर नीलाम हो रहे सार्वजनिक उपक्रमों को बचाने के लिए देश के मजदूर संघर्षरत हैं तो दूसरी ओर खाद्यान्न व खेती को कंपनियों के चंगुल से बचाने के लिए देश के किसान आठ महीने से अधिक समय से दिल्ली में घेरा डाले हैं किंतु तानाशाही के मद में चूर सरकार अपने ही लोगों से बात नही कर रही है। हम किसान आन्दोलन के साथ अपनी पूरी एकजुटता ब्यक्त करते हैं आपदा में अवसर का फायदा उठाकर मोदी सरकार ने श्रमिकों के अधिकारों को खत्म कर दिया है और उन्हें कारपोरेट घरानों के रहमो करम पर छोड़ दिया है।
टेक्सटाईल मजदूर नेता धनराज सेठी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार कोरी लफ्फाजी कर रही है। कानून व्यवस्था की स्थिति सबसे खराब है। महिला हिंसा, एनकाउंटर हत्या तथा दलित उत्पीड़न के मामले में सरकार ने रिकॉर्ड कायम किया है। गरीब से लेकर मध्यम वर्ग तक की स्थिति विस्फोटक है।काम -धंधा तथा व्यापार चौपट है। दिहाड़ी मजदूर भुखमरी की कगार पर हैं। दुनिया के सभी मुल्कों की सरकारों ने अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए जनता को राहत के बतौर प्रर्याप्त सहायता राशि दिया है। हमारे देश में पीएम केयर फंड का कोई अता-पता तक नहीं है कि वह पैसा कहां गया।
अपने ही देश के नागरिकों, बुद्धिजीवियों सैन्य अधिकारियों और पत्रकारों और की पेगासस सॉफ्टवेयर से जासूसी कराने की संदिग्ध साजिश ने न्यायालय की स्वतंत्रता, सैनिकों की गोपनीयता और नागरिकों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है,सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान जज के देखरेख में पेगासस जासुसी कांड की पूरी जांच होनी चाहिए।अगस्त महीने में भारत की जनता ने साम्राज्यवाद से मुक्ति के ऐतिहासिक जंग का ऐलान किया था।नौ अगस्त को अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन की ऐतिहासिक तिथि है।
श्रद्धांजलि सभा में प्रमुख रूप से का.रामनवल, शिव मूरत गुप्ता, राजेंद्र प्रसाद, महेन्द्र, इसरार रजा, राजेश, साधु यादव, रितेश शामिल रहे।


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