मऊ। आज नगर पालिका परिषद के सभागार में उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री, प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारतरत्न पंडित गोविन्द बल्लभ पन्त जी की जयंती मनायी गयी। इस अवसर पर पालिका अध्यक्ष मु0 तय्यब पालकी, अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार व कर अधीक्षक समेत पालिका के अन्य अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा भारतरत्न पंडित गोविन्द बल्लभ पन्त जी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी, तथा उनके द्वारा सामाजिक, राजनीतिक, साहित्यिक आदि क्षेत्रों में दिये गये योगदानों एवं सवतन्त्रता संग्राम में किये गये संघर्षो को याद किया गया।
पालिकाध्यक्ष मु0 तय्यब पालकी ने भारतरत्न पंडित गोविन्द बल्लभ पन्त जी की जयंती पर उन्हे श्रदांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गोविंद बल्लभ पंत जी एवं महात्मा गांधी जी के जीवन दर्शन को देश की जनशक्ति में आत्मिक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है। पं0 गोविंद बल्लभ पंत जी ने देश के राजनेताओं का ध्यान अपनी पारदर्शी कार्यशैली से आकर्षित किया। भारत के गृहमंत्री के रूप में वह आज भी प्रशासकों के आदर्श हैं। पंत जी चिंतक, विचारक, दूरदृष्टा और समाज सुधारक थे। उन्होंने साहित्य के माध्यम से समाज की अंतर्वेदना को जनमानस में पहुंचाया। उनका लेखन राष्ट्रीय अस्मिता के पार्श्व चिन्हांकन द्वारा लोगों के समक्ष विविध आकार ग्रहण करने में सफल हुआ। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं0 गोविंद बल्लभ पंत जी का नाम जब भी लिया जाता है तो हमारे सामने एक ऐसे आंदोलनकारी की तस्वीर उभर कर सामने आती है, जिन्होने आजादी की लड़ाई में सक्रियता से भाग लिया। उनका योगदान ना केवल भारत को स्वतंत्रता दिलाने में था। बल्कि आजादी के बाद भारतीय संविधान में हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने और जमींदारी प्रथा को खत्म कराने में भी था।
इस मौके पर अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार, कर अधीक्षक, राजस्व निरीक्षक अमृता राय, कमलेश पाण्डेय, शहर मिशन प्रबन्धक डूडा मो0 रिज़वान, आदि के इलावा पालिका के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।
नगर पालिका परिषद में भारतरत्न पंडित गोविन्द बल्लभ पन्त जी की मनाई गयी जयंती
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