कासगंज मामले की उच्च स्तरीय जांच हो व दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज हो : इंनौस
मऊ- इंकलाबी नौजवान सभा(इंनौस),भाकपा(माले) ने कासगंज जिले के थाना कोतवाली में 21 वर्षीय युवक अल्ताफ की मौत के खिलाफ जिला मुख्यालय पर विरोध-प्रदर्शन किया, विरोध प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश किसान सभा भी शामिल रही।
विरोध प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए इंनौस नेता जितेन्द्र राजभर ने कहा कि कासगंज पुलिस अधीक्षक द्वारा अल्ताफ़ की बाथरूम में आत्महत्या करने की गढ़ी गयी थ्योरी हास्यास्पद है । यह कैसे सम्भव है कि मात्र दो फ़ीट ऊंची नल की टोंटी पर 21 वर्षीय 5 फीट लम्बा युवक जैकेट के कमजोर धागे से लटकर आत्महत्या कर ले । जबकि जैकेट के टोपी में लगने वाला नाड़ा जूते के फीते जैसे और कमजोर होता है।
मृतक अल्ताफ़ के पिता द्वारा मीडिया को दिए बयान से स्पष्ट है कि कासगंज पुलिस ने अल्ताफ़ की पीट-पीट कर हत्या की है। इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि कहीं चांद मियां पर पुलिस ने दबाव डरा धमकार जबरदस्ती सादे कागज पर मजमून नामा तो नहीं लिखवाया है।
उन्होंने कहा कि एनएचआरसी के आंकड़ों के अनुसार सिर्फ पिछले 3 साल में ही 1318 मौतें पुलिस हिरासत में हुईं। आठ नवम्बर को शाम 8 बजे पिता द्वारा पुलिस को सौंपे गए अल्ताफ़ की कासगंज कोतवाली में 24 घण्टे से भी कम समय नौ नवम्बर को मौत हो जाती है। यह घटना हाल ही में रिलीज हुई फ़िल्म जय भीम में पुलिस द्वारा थाने में बेगुनाहों की हत्या कर मामले को गुमराह करने वाली भूमिका का वास्तविक दोहराव है।
भाकपा (माले) के जिला सचिव बसंत कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की नीतियों के चलते पुलिस सुरक्षा देने की जगह हत्या कर रही है। ऊपर से मुख्यमंत्री के नफरती और ‘ठोंक दो’ को बढ़ावा देने वाले बयान आग में घी का काम कर रहे हैं। कासगंज पुलिस हिरासत में अल्ताफ़ की मौत की उच्च स्तरीय जांच हो। यह आत्महत्या नहीं बल्कि पुलिस द्वारा एक कमजोर मुस्लिम युवक का कस्टोडियल मर्डर है। इसमें दोषी पुलिस कर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो।
प्रदर्शन में अल्ताफ़ के लिए न्याय की मांग करने वालों में उत्तर प्रदेश किसान सभा के वीरेन्द्र कुमार,माकपा के समसुलहक चौधरी, इंनौस के साधू यादव तेज बहादूर, वीरेन्द्र राजभर, विशाल, मनोज, पवन, अजमल बेलाली, आमिर,शिवमूरत,सतीश,मुन्ना,जयप्रकाश , समेत दर्जनों कार्यकर्ता शामिल रहे।
