मुख्तार अंसारी का नामांकन के लिए बांदा जेल को निर्देश

मऊ – सदर विधायक मुख्तार अंसारी के सदर मऊ सीट से नामांकन के सन्दर्भ मे उनके अधिवक्ता के आवेदन पर गुरूवार को एम पी एम एल ए की विशेष कोर्ट दिनेश चौरसिया की अदालत मे सुनवाई की गयी ।अदालत ने उनके आवेदन को स्वीकार करते हुए जेल अधीक्षक बांदा को निर्देश दिया कि वे जेल मैनुअल व भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशो के तहत आवेदक के नामांकन की औपचारिकता पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित करे । न्यायालय ने उक्त आदेश को जरिये ई मेल बांदा जेल अधीक्षक जिला कारागार बांदा को अनुपालनार्थ भेजने का आदेश दिया । ज्ञातव्य है कि सदर विधायक मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिह ने उक्त अदालत मे लम्बित दक्षिण टोला थाना के गैगेस्टर मामला 55/2021 मे इस आशय का आवेदन प्रस्तुत किया था कि मऊ सदर-356 विधानसभा सीट से सुभासपा के चुनाव निशान से आरोपी मुख्तार अंसारी चुनाव लडना चाहते है ।जिसके लिए नामांकन 10 फरवरी से 17 फरवरी तक कलेक्ट्रेट परिसर मऊ मे होगा । आरोपी अपने संवैधानिक अधिकारो के तहत चुनाव लडना चाहता है । जेल मे आवेदक से कोविड के चलते किसी को मिलने नही दिया जा रहा है । आवेदक के अधिवक्ता ने दो सेट मे नामाकन के लिए मुख्तार अंसारी के प्रस्तावक समर्थक व अधिवक्ता तथा नोटरी वकील एवं फोटोग्राफर सहित कुल बाइस लोगो के बाँदा जेल में दाखिल होने की अनुमति मांगी है।ताकि उनका नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर एवं उसका सत्यापन बाँदा जेल अधीक्षक द्वारा कराया जा सके । इस आवेदन के विरोध मे एडीजीसी गैगेस्टर कृष्ण शरण सिह ने आपत्ति दी कि जेल मैनुअल व लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम मे इस तरह का कोई प्रावधान नही है । अभियुक्त के संवैधानिक अधिकार के संरक्षण करने का क्षेत्राधिकार उच्च न्यायालय व सुप्रीम कोर्ट को है न कि इसअदालत को है। एडीजीसी द्वय कृष्ण शरण व राणा प्रताप सिह ने उक्त आवेदन का विरोध किया ।न्यायालय में दी गई अर्जी में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि मुख्तार अंसारी मऊ सदर से वर्तमान में विधायक है । न्यायालय ने अभियोजन व आवेदक के अधिवक्ता को सुनने के बाद चार पृष्ठो का उक्त विस्तृत आदेश दिया ।


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