गर्भावस्था के दौरान पोषण का रखें खास ख्याल: सीएमओ

आईएफए टेबलेट का करें सेवन और प्रसव के छह माह बाद तक रखें जारी

हरी पत्तेदार सब्जियाँ तथा मौसमी फलों का करें उपयोग

मऊ- गर्भावस्था के दौरान सही पोषण गर्भवती और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए ही बहुत जरूरी होता है।  इसलिए गर्भवती के समुचित खानपान का ख्याल रखना परिवार के हर सदस्य की जिम्मेदारी बन जाती है।  

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ श्याम नरायन दुबे ने बताया कि गर्भवती खुद के साथ गर्भ में पल रहे शिशु को भी पोषण देती है, इसलिये गर्भावस्था के दौरान माँ को अधिक पोषण की आवश्यकता होती है। अगर इसका आभाव हो तो शिशु कुपोषित हो सकता हैI सही भोजन, नियमित वजन निगरानी तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच महिला और शिशु के वृद्धि और विकास को सुनिश्चित कर सकता है। पूरी गर्भावस्था के दौरान एक महिला का वजन लगभग 10-12 किलो बढ़ना चाहिए।

बडराव ब्लाक की महिला चिकित्सक डॉ उमुल ओला ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान आयरन की जरुरत बढ़ जाती है। इसकी कमी से महिला को थकान, चक्कर, समय  से पहले प्रसव और जटिल प्रसव की संभावना बढ़ जाती है। इसके साथ ही गर्भ में पल रहे बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास में बाधा पहुँच सकती है।  आयरन की कमी को पूरा करने के लिए आयरन युक्त भोजन करने के साथ ही रोजाना आयरन की गोली खाने की जरुरत होती है। दूसरी और तीसरी तिमाही में प्रतिदिन एक आयरन (आईएफए) गोली  का सेवन करें और बच्चे के जन्म के छह  महीने बाद तक जारी रखें। सभी गर्भवती यहां तक कि जिन्हें एनीमिया नहीं है। उन्हें भी रोजाना लाल आयरन गोली  का सेवन करना चाहिए। लाल आयरन की गोलियां न केवल एनीमिया को कम करती हैं, बल्कि भ्रूण के मस्तिष्क के विकास के लिए भी फायदेमंद होती हैं। कुछ महिलाओं को आयरन की गोली खाने के बाद मितली,चक्कर आदि दिक्कतें होती हैं, इससे बचने के लिए गोली का सेवन भोजन के एक  घंटे बाद करें। गोलियाँ लेना बंद न करें।

परदहा ब्लाक की मुख्य सेविका गीता तिवारी ने बताया – गर्भवती को दिन भर में कम से कम पाँच  बार खाना खाना चाहिए जिसमें से तीन बार मुख्य भोजन और दो बार पौष्टिक नाश्ता होना चाहिए। गर्भवती  के रोज के आहार में विभिन्नता होनी चाहिए इसके लिए प्रतिदिन कम से कम पाँच  खाद्य समूहों को  आहार में शामिल करना चाहिए।  गहरे रंग की हरी पत्तेदार सब्जी,मौसमी फल, विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थ, खड़ी दालें और फलियां, अनाज जैसे बाजरा, ज्वार, रागी और दूध या दूध से बने खाद्य पदार्थ।


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