अल्लाह की इबादत करने में बड़े तो बड़े नन्हे-मुन्ने बच्चे भी पीछे नहीं, भूख और प्यास बर्दाश्त कर बच्चों ने रखा रोज़ा

(रिपोर्ट :सईदुज़्ज़फर :8009543112)

मऊ- रहमतों व बरकतों से भरपूर इस महीने में जहां बड़ों ने रोज़ा रखकर शाम को इफ्तारी की तो वहीं इस भीषण गर्मी में भूख व प्यास की शिद्दत को बर्दाश्त करते हुए नन्हे-मुन्ने बच्चे भी पीछे नहीं रहें। मुहल्ला क्यारी टोला निवासी इम्तियाज़ अहमद की 5 साल की नन्ही बच्ची अहेला परवीन व मोहम्मद हैदर की छ साल की बेटी बेबी, पहाड़ पुरा तकिया निवासी सदरे आलम की नौ वर्षीय पुत्री नाज़िया परवीन, मधुबन के जैतपुर बभनौली ननिहाल में रह रही मास्टर ज़मीर अहमद की बेटी व तारिक आज़म की सात वर्षीय भांजी शमा आफरीन ने तेज धूप व भीषण गर्मी में रोजा रखकर अल्लाह की इबादत में मशगूल रही और पांचों वक्त के नमाज भी अदा की। बताते चलें कि रमजान का पवित्र महीना रहमतों व बरकतों का महीना है। रोजा हर मुसलमान मर्द, औरत, आकील व बालिग पर फर्ज है। इस लिए इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजे रखते है तथा ज्यादा से ज्यादा इबादत करने में मशगूल रहते हैं। अल्लाह की इबादत करने में बड़े तो बड़े नन्हे-मुन्ने बच्चे भी पीछे नहीं रहे।


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