मऊ- लखीमपुर खीरी के कम्पोजिट विद्यालय में खाना बनाते समय आग लगने से रसोईया की मौत के विरोध में श्रमिक संगठन एक्टू के राज्यव्यापी आहवान पर भाकपा माले और एक्टू ने जिला मुख्यालय पर किया प्रतिरोध। मुख्यमंत्री को संम्बोधित तीन सुत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी को दिया।
लोगों को संबोधित करते हुए एक्टू के जिला संयोजक शिवमूरत गुप्ता ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना ने राज्य व केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी चेहरे को उजागर कर दिया है। रसोईया, आशा, आंगनवड़ी सहित स्कीम वर्करों के समाजिक सुरक्षा व बीमा कवर की मांग को सरकार लगातार खारिज करती रही है अगर स्कीम वर्करों का बीमा कवर होता तो लखीमपुर की घटना में पीड़ित परिवार को कुछ रात मिल जाता।
लोग को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला सचिव बसंत कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश के किसी भी प्राइमरी विद्यालय में अग्निशमन यंत्र नहीं लगा हुआ है। रसोईया अपना जान जोखिम में डालकर बच्चों के लिए खाना बनाती हैं, लखीमपुर के कम्पोजिट विद्यालय में अग्निशमन यंत्र रहा होता तो रसोईया बहन की जान बच सकती थी। योगी सरकार अपने एक महीने के प्रचार के खर्चे से पूरे उत्तर प्रदेश के स्कूलों में अग्निशमन यंत्र लगा सकती है। लेकिन यह सरकार दिखावा में ज्यादा विश्वास करती है।
उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार स्कीम वर्करों के जीवन से खिलवाड़ कर रहीं हैं, करोना काल में आशा वर्करों को करोना योद्धा घोषित कर उन पर फूल माला की बारिश किया गया लेकिन उनके काम का भत्ता देने का समय आया तो मोदी ने चुप्पी साध ली। अपने जीवन से खेल कर आशा रसोईया काम कर रहीं हैं लेकिन सरकार केवल वादों और बातों से उनका पेट भरना चाह रही है। मोदी योगी की सरकार गरीब मजदूर महिला विरोधी सरकार है।
मांग पत्र देने वालों में कामरेड गोकुल ,राम अवध यादव रामबदन, विशाल, विजयी, राजेश, मुन्ना आदि उपस्थित रहे।

सुरक्षा के नाम पर स्कीम वर्करों के जीवन से खिलवाड़ कर रही है प्रदेश सरकार: एक्टू
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