मऊ – जिलाधिकारी अरूण कुमार के निर्देश के क्रम में आज जनपद के नगर क्षेत्र एवं सभी तहसीलो में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया, जिससे अवैध कब्जेदारो में हड़कम्प मच गया है। नगर क्षेत्र में मुख्तार अंसारी के करीबी गणेश मिश्रा द्वारा अवैध तरीके से कमायी गयी संपत्ति का निवेश कर, यशविक्रम अनिता देवी, प्रिती वर्कशीट इंफ़्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड डारेक्टर विजय कुमार आदि के नाम भूमि खरीद कर अवैध तरीके से कालोनी और प्लाटिंग की जा रही थी, जिसे आज नगर मजिस्ट्रेट त्रिभुवन के नेतृत्व में ध्वस्त कर दिया गया। गाटा संख्या 163, 164, 170 आदि के भूमि रकबा लगभग 5 एकड़ पर अवैध कब्जा किया गया था। इस भूमि का वर्तमान मूल्य लगभग 60 करोड़ रूपये है।
इसी प्रकार मु0बाद गोहना तहसील स्थित ग्राम सभा-बहलोलपुर परगना चिरैयाकोट के निवासी अनुज कनौजिया पुत्र हनुमान कनौजिया ने पोखरी के गाटा संख्या 223 रकबा 0.1540 हेक्टेयर में से 0.0040 हेक्टेयर पर पक्का निर्माण कर लिया था, जिसको आज तहसील प्रशासन ने बुल्डोजर की मदद से कब्जा किये जमीन को मुक्त कराया साथ ही 4600 रूपये का जुर्माना एवं एक हजार रूपये का अतिक्रमण हटाने का खर्चा वसूल करने के निर्देश दिये। ज्ञातव्य है कि अनुज कनौजिया पर गैगेस्टर की भी कार्यवाही चल रही है एवं यह मुख्तार अंसारी गिरोह का मुख्य शूटर भी है।
मधुबन तहसील के अन्तर्गत आने वाले राजस्व ग्राम म्यारी कल्याणपुर परगना नत्थुपुर स्थित गाटा संख्या 146 रकबा 0.082 हेक्टेयर जो खलिहान के रूप में अभिलेखो में दर्ज है, उसपर गांव के ही कुछ लोगो द्वारा कटरैन व छप्पर आदि डालकर अवैध कब्जा कर लिया था, उसे भी पुलिस की मौजूदगी में तहसील प्रशासन ने खाली कराया।
सदर तहसील स्थित ग्राम भेलसाय के गाटा संख्या 202 एवं 203 जो कि नवीन परती एवं खेल के मैदान के रूप में अभिलेखों में दर्ज है, इनमें से 0.0120 हेक्टेयर जमीन पर धमदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भेलसाय के प्रबंधक धर्मदेव यादव पुत्र शिवमंगल यादव, निवासी ग्राम नसीरपुर, तहसील सदर द्वारा बाउंड्री वाल व गेट बनाकर कब्जा कर लिया गया था, जिसकी वर्तमान कीमत लगभग 07 लाख 20 हजार रूपये है, को भी सदर तहसील प्रशासन द्वारा आज अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।
घोसी तहसील के अन्तर्गत ग्राम शुकलौली के गाटा संख्या 87 रकबा 0.342 हेक्टेयर जो कि पोखरी के नाम से दर्ज है, उसपर पूणेन्दु शुक्ला, सत्येन्दु पुत्र हरिवंश, सर्देन्दु पुत्र हरिवंश, कवींद्र पुत्र हरिवंश्, सचिन्द पुत्र हरिवंश आदि द्वारा अवैध कब्जा कर, निर्माण कार्य किया जा रहा था, जिसे तहसील प्रशासन द्वारा अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि अवैध प्लाटिंग और कालोनी विकसित करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी।
नगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के दौरान क्षेत्राधिकारी नगर धनजंय मिश्रा, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका दिनेश कुमार एवं इंजीनियर विनियमित क्षेत्र उपस्थित रहे।

