बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न
मऊ – आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों को लेकर बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता सिंचाई से जनपद में बाढ़ नियंत्रण को लेकर चल रही परियोजनाओं की प्रगति एवं इस वर्ष बाढ़ नियंत्रण को लेकर बाढ़ से पूर्व की गई तैयारियों की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में घाघरा एवं तमसा नदी के कारण हर वर्ष वर्षा के दिनों में जनपद के घोसी एवं मधुबन तहसील ज्यादा प्रभावित होते हैं। अतः इन तहसीलों में समय रहते सारी तैयारियां अवश्य पूर्ण कर ली जाए, साथ ही जनपद के अन्य बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में भी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली जाएं।उन्होंने अधिशासी अभियंता सिंचाई एवं समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि संयुक्त टीम बनाकर अपने तहसील क्षेत्र में सर्वाधिक बाढ़ क्षेत्रों का स्थलीय परीक्षण कर एक सप्ताह के अंदर कार्य योजना तैयार कर लें। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता सिंचाई को जनपद के चार अति संवेदनशील बाँधो के यथा शीघ्र मरम्मत करा लेने एवं खाली सीमेंट की बोरियों का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए,जिससे बाढ़ के दौरान तटबन्धों के कटाव की स्थिति को रोकने में मदद मिल सके। उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों से उनके क्षेत्रों में बाढ़ चौकियों एवं बाढ़ शरणालय की स्थितियों की जानकारी भी ली। समस्त ई0ओ0 को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने नगरीय क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति होने पर जल निकासी के लिए पहले से ही पूरी तैयारी करने को कहा। उन्होंने बाढ़ के दौरान कार्य करने वाली जनपद , तहसील एवं ग्रामीण स्तरीय समितियों के गठन एवं उनके सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में गोताखोरों की सूची बना लें, जिससे बाढ़ के दौरान आवश्यकता पड़ने पर उनसे संपर्क बनाने में आसानी रहे। स्वास्थ्य एवं पशुपालन विभाग को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ के दौरान इंसानों एवं पशुओं में फैलने वाले संक्रामक रोगों से बचाव हेतु पर्याप्त मात्रा में दवाएं एवं टीको का स्टॉक रखें। जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारी को बाढ़ के दौरान अतिरिक्त सजकता से कार्य करने को कहा जिससे बाढ़ का अलर्ट जारी होने पर संबंधित क्षेत्रों से लोगों को निकालकर बाढ़ के दौरान होने वाले जान माल के नुकसान से बचाव किया जा सके। बाढ़ के दौरान सक्रिय रहने वाले विभागों को जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बाढ़ से पूर्व होने वाले समस्त तैयारियों को समय से अवश्य पूर्ण कर ले। अगर किसी विभाग के पास धन का अभाव है तो उसकी डिमांड की प्रक्रिया प्रारंभ करें दें,जिससे समय रहते तैयारियों के लिए धन की कमी न रहे।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा, अपर जिलाधिकारी भानु प्रताप सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एसएन दुबे, परियोजना निदेशक, अधिशासी अभियंता सिंचाई, अधिशासी अभियंता जल निगम एवं समस्त उपजिलाधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी, समस्त तहसीलदार, समस्त ई0ओ0 सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
