मऊ- तालीमुददीन निस्वां डिग्री कालेज में आज रविवार को वक्फ फोरम के तत्वाधन में एक दिवसीय सेमीनार आयोजित किया गया, जिसमें वक्फ सम्पत्ति के संरक्षण के लिये तमाम आवश्यक बिन्दुओं पर बुद्धिजीवियों, जानकारों एवं प्रशासनिक सलाहकारों द्वारा गहन विचार विमर्श किया गया। सेमीनार की अध्यक्षता शाही कटरा जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मसीहुर्रहमान ने किया। इस मौके पर सबसे पहले वक्फ फोरम वेलफेयर के चेयरमैन जावेद अहमद ने सम्बोधित करते हुये बताया कि इस फोरम का कार्य खास तौर से वक्फ व्यवस्था व संरक्षण को सुनिश्चित करने में आम लोगों की जिम्मेदारी व हिस्सेदारी बहुत अहम है, उन्होंने यह भी कहा कि इस फोरम ने अपने कार्यकाल में ही तकरीबन आधा दर्जन देश भर के अलग-अलग प्रान्तों में मिटिंग एवं गोष्ठियां करायी गयी है।
फोरम के राष्ट्रीय कार्यकारणीय सदस्य श्री अरशद जमाल और नगर पालिका अध्यक्ष श्री तैयब पालकी ने आज की गोष्ठी में फोरम के द्वारा प्राप्त की गई उपलब्धियों को विस्तृत रूप से बताया। वक्फ फोरम के कड़ी मेहनत और लगन की वजह से 300 वक्फ सम्पत्तियों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है तथा 30 वक्फ सम्पत्ति का मऊ जिलें में रजिस्ट्रेशन हो चुका है जिसे कार्यक्रम के दौरान वक्फ बोर्ड द्वारा बनाये गये वक्फ सर्टिफिकेट को आवंटित किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के रिटायर्ड डी0जी0पी0 वजीर अहमद अंसारी साहब भी उपस्थित थे, जिनका ताल्लुक पड़ोस के गाजीपुर जिले से है। उन्होने वक्फ व्यवस्था में पुलिस की भूमिका पर बात की। उन्होने इस बात पर जोर दिया कि आम लोगों की जागरूक्ता व भागीदारी के बाद ही पुलिस प्रशासन सक्रिय होती है।
वक्फ परिषद के निधि अधिकारी श्री मोहम्मद अफजालुलहक भी इस अवसर पर आमंत्रित थे उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि वक्फ एक्ट के प्रावधानों के तहत आम लोगों के द्वारा वक्फ संस्थाओं की भलाई के किरदार पर लोगों को विस्तार से जानकारी दी।
श्री एकरामुल जब्बार खान रिटायर्ड कमीश्नर इंकम टैक्स ने अतिथि के रूप में भाग लेते हुये वक्फ की व्यवस्था में पूजा-पाठ के इलावा ऐसे धर्म स्थलों के शिक्षा के उपयोग पर जोर दिया, उन्होने अह्वाहन किया कि मस्जिदों में नमाज़ के अतिरिक्त लोगों को शिक्षित व परषिक्षण के लिये उपयोग किया जा सकता है। उन्होने वक्फ के रजिस्ट्रेशन के सरकारी प्रक्रिया को सुधारने के सम्बन्ध में भी सुझाव दिये, क्योंकि सुन्नी सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारणी अधिकारी तथा शहर के दूसरी कई संस्थाओं के प्रमुख भी इस गोष्ठी में उपस्थित रहे। लोगों से खचा-खच भरा हाॅल इस बात पर सहमत हुआ कि सब लोग मिल कर इस क्षेत्र में आने वाले दिनों में विधिपूर्वक वक्फ की सम्पत्तियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने में अपनी-अपनी अहम भूमिका निभायेंगे। यदि आवश्यकता पड़ने पर वक्फ वेलफेयर फोरम के मुख्यिाओं से भी प्राप्त की जायेगी।
इस कार्यक्रम को मौलाना इफ्तेखार अहमद मिफ्ताही, अहमद जकी नक्शबन्दी, मौलाना खुर्शीद मिफ्ताही व मौलाना सरफाराज अहमद और सैफुल्लाह अब्बासी इत्यादि लोगों ने गोष्ठी को सम्बोधित किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अब्दुस्सुब्हान अलीग, शफीकुर्रहमान सभासद, मुफ्ती अब्दुल्लाह, शाहिद पैरिस, सोहैल उजाला, हाफिज शाहिद, साहेब सेराज इत्यादि लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन फोरम के राष्ट्रीय कार्यकारणीय सदस्य मोहम्मद खालिद ने किया।

