माननीय उच्च न्यायालय किशोर न्याय समिति के निर्देश पर जनपद न्यायाधीश, जिलाधिकारी एवं सचिव, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण मऊ ने किया राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) एवं बाल शिशु गृह का किया निरीक्षण

मऊ – माननीय उच्च न्यायालय किशोर न्याय समिति के निर्देश के क्रम में आज जनपद न्यायाधीश रामेश्वर, जिला अधिकारी अरुण कुमार ,एवं सचिव, जिला विधिक प्राधिकरण मऊ, कुंवर मित्रेश कुशवाहा की टीम ने जनपद मुख्यालय स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) एवं बाल शिशु गृह मोहम्मदाबाद गोहना का निरीक्षण किया गया। राजकीय संप्रेक्षण गृह में कुल 91 अपचारी किशोर है। जिनकी उम्र 7 से 18 वर्ष है। निरीक्षण के दौरान निरीक्षण टीम ने वहां पर तैनात कर्मचारियों एवं किशोर को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि संप्रेक्षण गृह में 7 से 18 वर्ष की आयु के बच्चे हैं। जिलाधिकारी ने किशोरो का दो ग्रुपो,जिसमें एक 7 से 14 वर्ष की आयु एवं दूसरा 14 से 18 वर्ष की आयु का बना कर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने वहां पर चल रही कक्षाओं को देखा साथ ही किशोरों के लिए बन रहे भोजन का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जनपद न्यायाधीश जिलाधिकारी एवं सचिव राजकरण सेवा की संयुक्त टीम ने किशोरों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण टीम ने किशोर से मिलने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखने के भी निर्देश दिए। नए किशोरों के लिए बने आइसोलेशन कक्ष का भी निरीक्षण संयुक्त टीम द्वारा किया गया । टीम ने किशोरों को मिलने वाली खेल सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। राजकीय संप्रेक्षण गृह की सभी व्यवस्थाओं से जनपद स्तरीय टीम संतुष्ट दिखी। इसके उपरांत संयुक्त टीम ने ने बाल शिशु गृह मोहम्मदाबाद गोहना का निरीक्षण किया। बाल शिशु गृह मोहम्मदाबाद गोहना में कुल 22 बच्चे हैं। जिसमें 0 से 7 वर्ष के 10 बच्चे एवं 7 वर्ष के ऊपर के 12 बच्चे है। सचिव कुंवर मित्रेश कुशवाहा ने बच्चों को उपलब्ध कराए गए सुबह के नाश्ते एवं भोजन के बारे में जानकारी ली,साथ ही बच्चों के स्कूल जाने के संबंध में भी जानकारी ली। जिलाधिकारी बच्चों के हेल्थ चेकअप के बारे में जानकारी लेते हुए उनका निरंतर हेल्थ चेकअप कराने को कहा। उन्होंने बच्चों के किसी अन्य व्यक्ति द्वारा गोद लेने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी समर बहादुर सरोज उपस्थित रहे।
