उत्तर प्रदेश में पशुओं को छुट्टा छोड़ने वालों की खैर नहीं, पशु क्रूरता अधिनियम के तहत दर्ज होगी एफआईआर

उत्तर प्रदेश में जानवरों को छुट्टा छोड़ने वालों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। यूपी के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह के मुताबिक जानवरों को छुट्टा छोड़ने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। धर्मपाल सिंह के मुताबिक छुट्टा छोड़ने वालों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने ये भी ऐलान किया कि 3 लाख से ज्यादा छुट्टा पशुओं को आश्रय स्थल भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि दिसंबर में सभी छुट्टा पशुओं को आश्रय स्थल पर भेजा जाएगा। फिलहाल यूपी सरकार के पास राज्य में 6222 आश्रम स्थल है जहां करीब 8.5 लाख गायों को रखा गया है। धर्मपाल सिंह ने ट्वीट कर कहा- ग्रामीण इलाकों में निराश्रित और आवारा पशुओं की बड़ी सख्या खत्म होने वाली है। योगी सरकार ने इसकी योजना बना ली है। दिसंबर 2022 तक सड़कों, खेतों और सार्वजनिक स्थलों पर निराश्रित पशु नहीं दिखाई देंगे। विकास खंड स्तर पर इसके लिए कान्हा पशु उपवन का निर्माण शुरू किया जा रहा है।गौरतलब है कि यूपी चुनाव से पहले आवारा पशुओं का मुद्दा काफी गरमाया था। उस दौरान विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा था कि चुनाव पहले तो आवारा गायों को लेकर इतने वादे किए गए लेकिन सरकार ने उनमें से किसी वादे को पूरा नहीं किया।


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