मऊ -(सईदुज़्ज़फर) कोरोना की वजह से इस वक्त दुनिया परेशान है। बहुत से लोग मौत के मुंह में जा चुके हैं और न जाने कितने लोग जिंदगी के लिए जंग लड़ रहे हैं। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन की मजबूरी से भी बेशुमार लोग भुखमरी और बेरोजगारी का शिकार हो रहे हैं। हर तरफ तबाही का खतरनाक मंज़र दिखाई दे रहा है ऐसे में हमें चाहिए कि कोरोना संकट से निजात की दुआ करते हुए ईद को सादगी के साथ मनाएं। उक्त बातें शैख असअद आज़मी ने आज हमारे mtimes24.in से बात करते हुए कहीं।
आगे उन्होंने कहा कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ईदगाहों में नमाज-ए-ईद पढ़ने की इजाज़त मिलने के आसार नहीं हैं। लिहाजा मुसलमान किसी भी धूमधाम से दूर रहें और सब्र के साथ सादगी से ईद मनाएं। गरीबों का ख्याल रखते हुए अल्लाह की बारगाह में तौबा करें। भीड़-भाड़ से बचने के साथ सामाजिक दूरी का भी ख्याल रखें।
रमज़ान का आखिरी अशरा चल रहा है और दो दिन बाद रमज़ान हम लोगों से विदा हो जाएगा, ऐसे में हमें चाहिए कि अल्लाह की तरफ से दिए गए इस खास तोहफे रमज़ान में अधिक से अधिक इबादत करें।
आगे शैख असअद ने कहा कि हदीस शरीफ में है कि रोज़ा और कुरआन दोनों कयामत के दिन शफाअत करेंगे, रोज़ा कहेगा ऐ खुदा मैंने इसको दिन में खाने-पीने से रोक रखा था, मेरी शफाअत इसके हक में कबूल फरमा और कुरआन कहेगा कि मैंने इसको जगाए रखा, इसलिए मेरी शफाअत कबूल फरमा तो दोनों की शफाअत कबूल की जाएगी।
साथ ही साथ उन्होंने ज़कात के बारे में भी जानकारी देते हुए कहा कि अपनी कमाई का ढाई प्रतिशत ज़कात हर हाल में निकाले और गरीबों की मदद करें।

दुनिया भर में है तबाही का मंज़र, सादगी से ईद मनाएं मुसलमान: शैख असअद आज़मी
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