मऊ : सीनियर कांग्रेसी लीडर, पूर्व सभासद व वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता हबीबुर्रहमान पहलवान के देहांत के उपरांत आज रे- आफ ह्यूमैनिटी के तत्वावधान में एक शोक सभा का आयोजन किया गया।
शोक सभा में अपने विचार व्यक्त करते हुए वरिष्ठ पत्रकार अमीर हमज़ा आज़मी ने कहा कि जब मैं बहुत छोटा था उस समय से पहलवान साहब को जानता था और इस शहर में मुझे डांट-फटकार का अधिकार सिर्फ दो ही लोगों के पास था एक मेरे पिता और दूसरे पहलवान साहब। आगे कहा कि इन्होंने अपना पूरा जीवन सामाजिक कार्यों में ही लगा दिया
ओबादा हारिस ने कहा कि इनके जाने से समाज को जो नुकसान हुआ है उसकी पूर्ति करना मुश्किल है
सरफराज़ सिल्को ने कहा कि मेरे दादा हाजी फख्रुद्दीन, शमसुलहसन और हबीबुर्रहमान पहलवान को कहीं भी सामाजिक कार्यो से जाना होता था तो उनके लिए आटो ड्राइवर बन कर पहुंचाना मेरा काम होता था, ये एक बहुत ही मिलनसार व्यक्ति थे इनकी कमीं हमेशा महसूस की जाएगी।
शोकसभा का संचालन कर रहे सलमान अबरार ने कहा कि इनका आधी सदी से ज़्यादा का समय सामाजिक कार्यों में ही गुज़रा, इन्होंने हमेशा समाज के लिए काम किया, राजनीति भी की और लोगों के मामलात भी सुलझाए।
शोकसभा के अन्त में इनके लिए प्रार्थना की गई

शोकसभा का आयोजन: हबीबुर्रहमान पहलवान की आधी सदी से ज़्यादा की ज़िन्दगी सामाजिक कार्यों में गुज़री
Posted
in
by
Tags: