मऊ – श्मशान व कब्रिस्तान के नाम पर सत्ता में आई बीजेपी सरकार की मुश्किलें इस साल श्मशान और कब्रिस्तान ने ही बढ़ा दी हैं क्योंकि इस महामारी में विकास की बातें तो दूर ये जिस के नाम पर सत्ता में आये वह भी नहीं दे सके, लाशों की भी लाइनें लगवा दीं, अन्तिम संस्कार तक के लिए लोगों को दर दर की ठोकरें खानी पड़ीं जिसका परिणाम नदियों में तैरती हुई लाशें तो प्रयागराज में लाशों का शहर ही बसा दिए, सत्ता के मद में चूर बीजेपी को अब यही लाशें और विकास के खोखले दावे अगले साल के चुनाव में श्मशान और कब्रिस्तान तक पहुंचा देंगे उक्त बातें आज समाजवादी पार्टी के कार्यकारिणी सदस्य अल्ताफ अंसारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहीं।
सरकार की नाकामी का परिणाम ही है कि हर वर्ग के लोग परेशान हैं ये बातें खुद सत्ता के मद में चूर प्रशासक भी समझ रहे हैं लेकिन चुनाव नजदीक आते ही इनकी बेचैनियां बढ़ गयी हैं और समीक्षाओं और बैठकों को दौर चल रहा है लेकिन ये जनता अब सब कुछ समझ चुकी है आने वाले 2022 के चुनाव में जनता भी अपने गुस्से का इजहार बीजेपी को सत्ता से हटा कर देगी।
काले धन की वापसी और 15-15 लाख रूपये, नोट बंदी के नाम पर देश की बर्बादी और लाईन में लगी जनता, अन्नदाताओं के साथ निरंतर हिटलर शाही रवैय्या, आवाज़ उठाने वाले बेकसूर नौजवानों के साथ कठोरता और जेल, महंगाई से त्रस्त आम जनमानस का गुस्सा और सरकार के झूठे वादों को लोग भूले नहीं हैं, जनता ने इनके असली चेहरों को पहचान लिया है। चट्टी चौराहों पर सरकार की नाकामी की चर्चाएं हो रही हैं। अब सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए और लोगों मन डायवर्ट करने के लिए लोगों को गुमराह कर समीक्षा बैठकों के नाम पर आगामी चुनाव की रणनीति बनाई जा रही लेकिन जनता सब समझती है इन सबसे अब कुछ नहीं होने वाला है। श्मशान और कब्रिस्तान के नाम पर आयी इस सरकार के अब श्मशान और कब्रिस्तान में जाने का समय आ गया है।

श्मशान और कब्रिस्तान के नाम पर आयी इस सरकार के अब श्मशान और कब्रिस्तान में जाने का समय आ गया: अल्ताफ अंसारी
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